खुश रहने के लिए-३

अपने चारों ओर सामाजिक समर्थन प्रणाली को सुदृढ़ करें :-

अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें लोगों के एक मजबूत समर्थन प्रणाली की जरूरत होती है।हमें ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता होती है जिनके दिलों में हमारे हित की बात होती हो।

हालांकि हम किसी से भी ये उम्मीद नहीं कर सकते कि वो वैसा ही व्यवहार करे,जैसा की हम चाहते हैं।हमारा मस्तिष्क किसी कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है और लोग उसी तरह से व्यवहार करते हैं जैसे कि उन्होंने सीखा होता है,अर्थात् जैसे वे प्रोग्राम किये गए हैं।

इसलिए यदि कोई हमारे हित की बात सोचता है तो बहुत अच्छा है किन्तु यदि वह ऐसा नहीं भी करता है तो भी उदास होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसका स्वभाव ही ऐसा है।इसलिए प्रत्येक अवस्था में हमें खुश रहना चाहिए।

किन्तु दूसरों के प्रति सद्भाव रख कर हम किसी को भी बदल सकते हैं।हमें जीवन के प्रत्येक पहलु,चाहे वो व्यक्तिगत हो अथवा व्यवसायिक हो,सामाजिक समर्थन की आवश्यकता होती है।क्योंकि जीवन में जिस प्रोत्साहन की हमें जरूरत होती है,ऐसा प्रोत्साहन जो हममें आत्मविश्वास पैदा करता है और ये विश्वास दिला कर कि जो हम कर रहे हैं वो सही है,आगे बढ़ने में मदद करता है,वो हमें इसी सामाजिक समर्थन प्रणाली से ही प्राप्त होता है।

ऐसी समर्थन प्रणाली को विकसित और सुदृढ़ करने में वक्त और ताकत दोनों लगती हैं,लेकिन ये आवश्यक है।यदि हम अन्यों के काम आयेंगे तो वो भी हमारे  काम आयेंगे और हमारे साथ अपने सुख दुःख बांटेंगे।जब हम दुखी होते हैं तो हमारे यही मित्र हमें हंसा कर,हमारे दुःख बाँट कर,हमारे कठिन वक्त को सुगम कर देते हैं।वहीँ ये ही मित्र हमारी ख़ुशी में सम्मिलित हो कर हमारी ख़ुशी को दोगुना कर देते हैं।

कभी जब हमें एक दूसरे की मदद की आवश्यकता होगी तो यही समर्थन प्रणाली हमारी मदद को आगे आएगी।वास्तव में एक सुदृढ़ सामाजिक समर्थन प्रणाली न केवल हमें कठिन समय को हँसी ख़ुशी झेलने की हिम्मत देती है बल्कि हमें अकेलेपन का भी एहसास नहीं होने देती।इस प्रकार प्रत्येक परिस्थिति में हम प्रसन्न रह पाते हैं।

                                                 ……………………………………………………………क्रमशः