खुश रहने के लिए-४

अपनी योग्यता निर्धारित करें,अपनी तुलना अन्य के साथ न करें,कर्म में विश्वास करें:-

प्रत्येक मनुष्य समाज को कुछ देना चाहता है।हमें ये निर्धारित करना होगा कि हमारी विशेषताएं क्या हैं और हम समाज को क्या दे सकते हैं?जब ये निर्धारित हो जाए तो उस विशेषता को विकसित करना चाहिए ताकि हम समाज को कुछ ख़ास दे सकें।

जब हम अपने उस स्वप्न को जो हम समाज को देना चाहते हैं,की दिशा में प्रयास करते हैं,उसे समय देते हैं तो हमें ख़ुशी का एहसास होता है।और जब हम अपना यही स्वप्न अंततः समाज को देते हैं तो ये ख़ुशी अकल्पनीय हो जाती है।

मानव व्यवहार है कि अक्सर वो स्वयं की तुलना अन्यों से करने लगता है।वह अपने मित्रों से,परिचितों से अपनी तुलना करने लगता है और फिर कुंठा का शिकार हो कर बाकियों को खुद से बेहतर समझने लगता है और ईर्ष्या का शिकार हो जाता है।

ईर्ष्या से क्रोध और नुक्सान पहुँचाने की भावना जन्म लेने लगती है।हमारी ख़ुशी और संतुष्टि इस बात पर निर्भर न रह कर कि हमने क्या प्राप्त किया है,इस बात पर रहने लगती है कि दूसरे क्या कर रहे है या क्या नहीं कर रहे हैं।

इस तरह हम खुद को प्राप्त सफलता का भी सुख नहीं उठा पाते और दूसरों की प्राप्ति से दुखी और असफलताओं से खुश होने लगते हैं।ये बहुत ही खतरनाक स्थिति है।हमें इस से बच कर ये सोचना चाहिए कि कईयों को तो वो भी नहीं मिलता जो हमें मिला है।

यदि अन्यों में कुछ विशेषताएं हैं जो हम में नहीं हैं तो हम में भी कुछ विशेषताएँ हैं जो अन्यों में नहीं हैं।इसलिए केवल अपनी ताकत,कमजोरियों और लक्ष्य पर नजर रखनी चाहिए और जो कुछ भी हम प्राप्त करते हैं उसमें खुश रहना चाहिए।

हम इस ब्रह्मांड रुपी कैनवास पर एक बिंदु से भी सूक्ष्म हैं।इस संसार में हमारे  जैसे असंख्य हैं,पहले भी थे और आगे भी होंगे।इसलिए अपने आप को उनके सन्दर्भ में रख कर सोचना चाहिए कि जितना हमें मिला है वो बहुत है।जब हम ऐसा सोचने लगेंगे तो संतुष्ट होने लगेंगे जो प्रसन्न होने की पहली शर्त है।

कभी भी हमें भूतकाल की नहीं सोचनी चाहिए क्योंकि उसे हम बदल नहीं सकते।अत: उस समय की कडवी यादों को याद कर के हमें अपना वर्तमान खराब नहीं करना चाहिए।

इसी प्रकार भविष्य में क्या होगा किसी को नहीं पता।तो व्यर्थ में हम भविष्य की चिंता कर दुखी क्यों रहें।क्यों न हम आज पर ध्यान केन्द्रित कर आज को संवारें,आज पाने वाली छोटी-छोटी खुशियों का भोग करें।केवल आज होने वाली घटनाओं और बातों का आनंद ले कर ही जीवन में हम ख़ुशी को पा सकते हैं।