जीवन कैसे जीयें:५

जीवन में धीमी गति से बढ़ें क्योंकि ऐसा करना सकारात्मकता लाता है:-

जिन्दगी का चाहे जो भी लक्ष्य हो,हमें सफल होने के लिए एक सकारात्मक अनुभूति की आवश्यकता होती है।ऐसा केवल तभी संभव है जब हम भलाई की भावना को पाने का रहस्य जान जाते हैं।हालांकि इस भावना को प्राप्त करना,आजकल हर कोई चाहता है,लेकिन जो लोग इसके पीछे भागते हैं,वे इसे कभी-कभी ही प्राप्त कर पाते हैं या खुद को इस कोशिश में लक्ष्य से बहुत दूर ले जाते हैं।

कोई भी व्यक्ति सफलता की अनुभूति को पा सकता है यदि वो जिन्दगी में धीमी गति से बढे।ऐसा केवल ध्यान द्वारा ही संभव है।ध्यान हमारे मस्तिष्क और शरीर दोनों को शांत रखता है।

जब हम जीवन में धीमी गति से कदम उठाते हैं तो न केवल हमारा ऊर्जा स्तर बरकरार रहता है बल्कि हमारे विचारों में भी स्पष्टता रहती है। जब हम धीमी गति से आगे बढ़ते हैं तो हमारी रचनात्मकता को भी नये आयाम मिलते हैं।

हमारे जीवन में प्रत्क्षण नए-नए विचार आते रहते हैं और ये हमें झटपट निर्णय लेने की ओर ले जा सकते हैं पर इस तरह से जल्दबाजी में निर्णय लेना सही नहीं है।क्योंकि हमने अपने द्वारा लिए गए निर्णयों को कार्यान्वित करने से पहले उनके द्वारा होने वाले परिणामों का आकलन और पूर्वानुमान नहीं किया होता।

यदि हम जल्दबाजी में कोई निर्णय ले लेते हैं और उसके हर पहलु पर विचार नहीं करते तो बाद में हमें पछताना पड सकता है।इसलिए प्रत्येक कार्य को करने से पहले उसके हर पहलु पर विचार कर लेना परम आवश्यक और सही है।

हमारे द्वारा किये जाने वाले कार्यों से भविष्य में न तो हमें नुक्सान पहुँचना चाहिए और न ही किसी अन्य को इससे नुक्सान होना चाहिए।जीवन को धीमी गति से जीने से हम जीवन के प्रत्येक पहलु को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और ऐसा करने से हमें प्रत्येक क्षण सकारात्मकता की अनुभूति होगी और यही जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए वास्तविक ताकत और लक्षण है।…………………………………….क्रमशः