बहुमूल्य बातें:-

क्रोध से दूर रहना चाहिए क्योंकि क्रोध करने से कोई फायदा नही होता बल्कि ये हमारी सोचने समझने की शक्ति को नष्ट कर देता हे और हमें नुक्सान पहुंचाता है।कभी-कभी हम बेवजह गुस्सा करने लगते हैं।अक्सर लोग हमें गुस्सा दिलाने की कोशिश करते हैं।कई बार हमारी गलती भी नहीं होती और लोग हमारी गलती निकालते रहते हैं।पर यदि हम सही हैं तो हमें गुस्सा नहीं करना चाहिए क्योंकि गुस्सा करने की कोई वजह ही नहीं है।पर यदि लोग हमारी गलती निकालते हैं और वाकई में हम गलत हैं तो हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम गुस्सा करें।अपितु हमें तो अपनी गलती की क्षमा मांगनी चाहिए।

भगवान् हमारे बारे में सब कुछ जानता है।हमें कब क्या चाहिए और कब कोई चीज हमारे लिए सही है उसे पता है।कभी-कभी हम सोचते हैं कि अमुख चीज मुझे क्यों नहीं मिल रही और सहनशीलता खोने लगते हैं।पर भगवान् की नजर में या तो उस चीज की हमें जरूरत नहीं या वो चीज हमारे लिए सही नहीं।इसलिए भगवान् हमें वो वास्तु अभी नहीं दे रहा होता है।जो व्यक्ति ये जानता है और भगवान् के प्रति सहनशील रहता है वास्तव में भगवान् के प्रति श्रद्धा रखता है।

वहीँ जब हम कोई काम करते हैं और उसमें सफल नहीं होते तो अक्सर क्रोधित होने लगते हैं ,अपने आप से और समाज से।किन्तु जो लोग बिना असफलता से डरे आगे बढ़ते रहते हैं और हर परिस्थिति में सहनशीलता बनाये रखते हैं ,वास्तव में खुद के प्रति विश्वास यानि की आत्मविश्वास रखते हैं।

जब आप प्रत्येक परिस्थिति में बिना क्रोधित हुए अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं तो वास्तव में ये आपका आपके परिवार के प्रति आपका प्यार ही होता है।वहीँ आप जब किसी के द्वारा बुरा किये जाने पर भी उस को कुछ नहीं कहते या उस के प्रति सहनशील रहते हैं तो इसका अर्थ ये है कि आप उसका सम्मान करते हैं।

कभी भी अपने भूतकाल के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए और उसके बारे में नही सोचना चाहिए क्योंकि हम जो बीत चुका है उसको तो बदल नहीं सकते।पर बीते हुए कल को याद कर के हम दुखी ही हो सकते हैं और उस से हमारा कोई भला भी नहीं होने वाला।इसलिए अपने बीते हुए कल के बारे मे ज्यादा मत सोचो।ये तुम्हे रूला सकता है।

अपने आने वाले कल के बारे मे भी ज्यादा मत सोचो क्योंकि ये तुम्हे डरा सकता है।कल क्या होने वाला है ये किसी को पता नहीं होता तो क्यों उस के बारे में सोच-सोच कर डरना कि पता नहीं कल क्या हो जाएगा।क्या हम आने वाले कल और गुजर चुके कल में अपना वर्तमान नहीं खो रहे ?हमें तो हमेशा चेहरे पर मुस्कान रखते हुए वर्तमान में जीना चाहिए जो हमारे जीवन मे खुशियां ला देगा।

हमारा जीवन हर पल एक इम्तिहान है।हमारे जीवन मे तरह तरह के इम्तिहान आते हैं।या तो ये हमें कटु बना सकते हैं या बेहतर ।ये हम पर निर्भर करता है।क्योंकि हमारे जीवन मे मुसीबतें या तो हमें बनाने या तोड़ने के लिए आती हैं।ये हम पर निर्भर करता है क़ि हम पीड़ित बनते हैं या स्थिति से लड़ते हुए विजेता की तरह बनते हैं।

खूबसूरत वस्तुएं या व्यक्ति हमेशा अच्छी नहीं होती जबकि अच्छे लोग और वस्तुएं हमेशा अंदर से खूबसूरत होती हैं। खुशियां हमें मिठास देती हैं किन्तु मीठा होना,सबसे प्यार से बोलना हमें आंतरिक खुशियां देता है।

हमें हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना चाहिए।भगवान ने भी हर वास्तु किसी न किसी मकसद से बनायी है।मसलन भगवान् ने हमारी उंगलियों के बीच मे जगह इसलिए बनायी है ताकि हमारा कोई ख़ास अपना आये और हमारा हाथ थाम कर इस जगह को भर दे।