मोक्ष  कैसे पाएं :-

श्रवण शक्ति को बढाओ :
अपनी  श्रवणशक्ति को इतना बढ़ाओ कि आप  लोगों के  दुखो को सुन सकें ,अपनी बुराई को जज्ब कर सकें  ,हमेशा अच्छी -अच्छी बातें सुनें  और कभी भूल कर भी किसी की बुराई ना सुनें। क्यूंकि अच्छी-बातें ,सद्विचारों को सुन कर ही हम मोक्ष के द्वार तक पहुँच सकते हैं।
मनन शक्ति को बढाओ :
अपनी मनन शक्ति को इतना   बढ़ाओ कि वो अच्छे बुरे मे  फर्क कर सके ,वह अच्छाई  और बुराई मे से अच्छाई को छांट सके।  क्यूंकि क्या गलत है क्या सही जब तक आप ये फर्क नहीं कर पाएंगे तब तक आप मोक्ष के मार्ग तक कैसे पहुँच पाएंगे।
विचार शक्ति को पवित्र करो :
अपने विचारों को इतना पवित्र  करो कि  भूल कर भी आपके अंदर गलत विचार उत्पन्न ना हों।  कभी भी आप किसी की बुराई न करें  ,न ही किसी का नुक्सान करने की सोचें।  किसी की तरक्की देख कर ना जलें और अपनी  तरक्की पर खुश न हों  आप जब ऐसा कर पायंगे तो मोक्ष का द्वार खुला  होगा।
इच्छा शक्ति को दृढ करो:
अपनी इच्छा शक्ति को इतना दृढ़ करो कि वो अपने किये फैसलों पर अमल कर सके। जरूरत पड़ने पर   जरूरतमंदों की मदद कर सके।कभी बुराई की तरफ ना भागे   अच्छाई का दामन कभी ना छोड़े क्यूंकि यदि हम किसी भी परस्थिति मे बुराई को अपने ऊपर हावी  देंगे तभी हम मोक्ष की  ओर  चल सकेंगे।
देखने की शक्ति को उज्जवल करो:
अपनी देखने की शक्ति को इतना उज्जवल करो कि आपकी आँखें हर तरफ सुंदरता देखें ,संसार की हर वस्तु मे  हर बात मे से अच्छाई और सुंदरता को बाहर निकाल सको ।जब हर तरफ अच्छा देखेंगे तो हमारे विचार भी अच्छे हो  जाएंगे। अच्छे विचार मोक्ष प्राप्त करने की सीढ़ी हैं।
बोलने की शक्ति को संयमित करो:
अपनी बोलने की शक्ति को इतना संयमित करो कि जब भी बोलो मीठा बोलो। कभी  भूल से कड़वा ना बोलो क्यूंकि कड़वा बोल उस जहर बुझे तीर के समान है जो ना केवल  सुनने वाले के हृदय पर आघात करता है ,उसके सम्मान को ठेस पहुंचाता है,उसके आत्मविश्वास को खंडित करता है बल्कि आपको भी जो ऐसा बोलते हैं बाद मे पछतावे के सिवा कुछ नहीं देता। जिस प्रकार कमान से निकला तीर वापस नहीं आता उसी तरह विषैले और कड़वे बोल जो एक बार मुंह से निकल जाते हैं वापस नहीं  जा सकते। जो हमेशा मीठा बोलता है भगवान् भी उस से प्रसन्न रहता है फिर मोक्ष का मार्ग क्या है ,वो तो मिल ही जायेगा।
सूंघने की शक्ति को मजबूत करो:
अपनी सूंघने की शक्ति को इतना मजबूत करो की आप  केवल अच्छाई को सूंघ सको। दुनिया के विभिन्न विचारों मे सच्चे और पवित्र विचारों को सूंघ सको। कहते हैं जब हम अच्छे  काम करते हैं तो उसकी महक दूर दूर तक फैलती है। पर हम ऐसे लोगों को पहचान नहीं पाते। जब हम सतजनो को पहचान कर उनके साथ ,उनके पदचिन्हों पर चलेंगे तब हम अपने जीवन को उच्च आदर्शों  पहुंचा पाएंगे। इस तरह  मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं।
स्पर्श शक्ति को बढाओ :
अपनी स्पर्श शक्ति को इतना बढ़ाओ कि तुम लाखों की भीड़ मे से महान लोगों को खोज सको। तुम्हारे स्पर्श से दुखियों के दुःख मिट  जाएँ। तुम्हारे स्पर्श से हर काम सफल हो जाए। तुम्हारे  स्पर्श मात्र से ही  सबके कष्ट मिट जाएँ।मोक्ष   आपकी राह देखेगा।
आत्मा को पवित्र करो:
अपनी आत्मा को जो इन सब ज्ञानिन्द्रिओं का केंदबिन्दु है ,इन सब का संचालक है इतना पवित्र करो कि ये  इंद्रिओं को भटकने ना दे अपने काबू मे रखे। सदा  भगवान् के चरणों मे तुम्हे समर्पित रखे। परोपकार ,सदभावना ,प्रेम ,विश्वास आदि गुणों का तुम्हारे जीवन मे संचार करे और तुम्हारे लिए मोक्ष का द्वार खोले।