विचारणीय :१

एक सफल व्यक्ति और अन्य लोगों के बीच का अंतर ,शक्ति की कमी नहीं है, ज्ञान की कमी नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी है।   – विंसेंट थॉमस लोम्बार्डी

अर्थात्  हालांकि दो व्यक्ति सामान रूप से पढ़े लिखे और शक्तिवान हो सकते हैं किन्तु हम देखते हैं कि एक व्यक्ति तो बहुत सफल है और दूसरा असफलताओं से जूझ रहा है ।ऐसा केवल इसीलिए है कि किसी काम को करने की सोचते तो दोनों हैं लेकिन एक पूरी मेहनत और दृढ संकल्प से उसे पूरा करता है और दूसरा ढुल-मुल रवैया रखता है और बार-बार असफल होता है।

यहाँ जीवन में दो त्रासदियाँ हैं।एक अपने दिल की इच्छा कम करने के लिए है और अन्य इसे हासिल करने के लिए है।  – जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

अर्थात् जितना भी हम अपनी इच्छाओं को कम करने की कोशिश करते हैं ,वे बढती ही जाती हैं।हम इन्हें पूरा करने के चक्र में पड़ जाते हैं और अपना सुख-चैन खो देते हैं।इसलिए दोनों ही हमारे जीवन में त्रासदियाँ हैं।

प्रगति परिवर्तन के बिना असंभव है, और जो अपने दिमाग को बदल नहीं सकते, कुछ भी नहीं बदल सकते।  – जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

अर्थात् प्रत्येक क्षण कुछ न कुछ नया सीखने के लिए होता है और जब हम कुछ भी नया नहीं सीखना चाहेंगे और दिमाग को एक ही जगह पर रोके रखेंगे तो हम कुछ नया कैसे कर पायेंगे और नया नहीं करेंगे तो प्रगति कैसे करेंगे ।

आधी दुनिया ऐसे लोगों से बनी है जिनके पास कहने के लिए कुछ होता है पर कहते नहीं ,और बाकी आधी दुनिया ऐसे लोगों से जिनके पास कहने के लिए कुछ नहीं होता ,और कहते ही रहते हैं।    -रोबर्ट फ्रॉस्ट

अर्थात् जो लोग संसार को बदल सकते हैं और उनके पास इसको करने के लिए बहुत कुछ होता है ,उनके पास विचार होते हैं ,अक्सर वे अपने विचारों को दबा लेते हैं और कुछ नही करते जबकि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास सकारात्मक कहने के लिए कुछ भी नही होता और वो संसार की प्रगति में कुछ मदद भी नहीं कर सकते पर वे कुछ न कुछ अनर्गल कहते ही रहते हैं।

महान चीजें हासिल करने के लिए हमें पहले जरूर सपना देखना होगा,फिर उसे दृष्टिगत करना होगा,फिर योजना बनानी होगी……..फिर भरोसा करना होगा ….फिर कार्यान्वित।   –अल्फ्रेड ऐ० मोंटाप

अर्थात् जब तक हम कुछ करने के बारे में नहीं सोचेंगे ,उस को प्राप्त करने के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं करेंगे ,फिर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के उपाय नहीं खोजेंगे ,अपने ऊपर विश्वास रखते हुए उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत नहीं करेंगे तो उसे कैसे प्राप्त करेंगे।