सच्चाई यही है कि कभी -कभी असामान्य महसूस करना मामूली बात है:

कभी-कभी विभिन्न कारक आपको उदास बना सकते हैं।आप महसूस करते हैं कि आप को गहरी चोट लगी है पर आप इसका कारण नहीं समझ पाते।विश्वास कीजिये ये एक सामान्य बात है और हर एक को कभी न कभी ऐसी  परिस्थिति से दो-चार होना पड़ता है।

हमें ये एहसास होना चाहिए कि कोई भी सामान्य मनुष्य तनाव और निराशा से रहित नहीं है। जिस पल हमें ये एहसास हो जाएगा उसी पल हम मुड़ कर अपने आस पास अच्छा महसूस करने के तरीके खोजने लग जायेंगे।

दूसरे शब्दों में ,जीवन की सच्चाई यही है कि कभी-कभी असामान्य महसूस करना बिल्कुल ही सामान्य बात है। इस तरह के संकट में अपने आस पास की चीजों के उजले पक्ष को देखना चाहिए। साथ  अपने अंदर के उजाले को भी निहारना चाहिए। क्योंकि इस उजाले में इतनी शक्ति है कि ये अपने आप ही आप को अच्छा और सकारात्मक महसूस करा सकता है और आप की रोजमर्रा की कुशल-क्षेम रख सकता है।

अंग्रेजी लेखक क्लीव बार्कर के जादुई शब्द जो उसने  डेज ऑफ़ मैजिक ,नाइट्स ऑफ़ वॉर  में कहे हैं वे हैं :-
“कोई भी मूर्ख खुश हो सकता है। लेकिन केवल वही व्यक्ति जिसके पास सच्चा हृदय है ,उन बातों में से सुंदरता खोज सकता है जो हमें रुलाती हैं।“

हमारे अंदर किसी भी मुसीबत से पार निबटने की शक्ति है और एक मनुष्य के तौर पर हम पीड़ा झेलने के अधिकारी नहीं हैं।यदि हमअपने स्वाभाविक,अंतर्निहित गुणों-सरलता और तर्क का उपयोग करें,तो हम अपने उस शत्रु के खिलाफ़ जो हमारे अंदर ही छिपा है  किसी भी लड़ाई में हमेशा एक विजेता के रूप में निकलेंगे।

कोई भी कलुषित मंसूबा हमारे भीतर से या बाहर से, जो हम पर थोपा जाएगा ,ज्यादा समय तक टिक नहीं पायेगा। इतिहास गवाह है कि हमारे अंदर की अच्छाई की वास्तविकता,अंत में विजयी होती है।