सफल होने के लिए:१

पहला कदम लें:-

चाहे व्यक्ति तैयार हो या न हो पर उसे शुरुआत कर देनी चाहिए।वास्तव में हम हमेशा कोई भी कार्य शुरू करने से पूर्व सोच में पड़ जाते हैं कि हम ये कार्य कर पायेंगे या नहीं,हम तैयार हैं या नहीं और फिर उस कार्य को करने में टाल मटोल करने लगते हैं।जबकि वास्तविकता यही है कि कोई भी मनुष्य कभी भी पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो सकता।

हमारी कमियों को लेकर,हमारे अन्दर की यही दुविधा हमें आगे बढ़ने से रोकती है।हम शंकाग्रस्त हो कर रूक जाते हैं कि ये काम हम नहीं कर पायेंगे और उस काम को फिर कभी के लिए टाल देते हैं।हम ये सोचते हैं कि कल को परिस्थितियाँ हमारे अनुकूल हो जायेंगी और तब हम इस काम को करेंगे।

लेकिन यदि हम शुरुआत ही नहीं करेंगे तो अपनी उस इच्छा और लक्ष्य को कैसे पा सकेंगे जिसे हम पाना चाहते हैं।अगर हम डर कर पहला कदम ही नहीं उठायेंगे तो हम अपने लक्ष्य की तरफ कैसे बढ़ेंगे।अगर पहाड़ से गिरता झरना ये सोच कर कि मैं इतने मजबूत पहाड़ के बीच से कैसे बहूँगा,रुक जाता तो क्या वो आगे चल कर दरिया बन सकता था?

ये ठीक है कि इस क्षण सफलता प्राप्त करने की संभावनाएँ न के बराबर हैं,पर यदि हम प्रयास ही नहीं करेंगे और इस दिशा में पहला कदम ही नहीं रखेंगे तब तो हमारा असफल होना तय ही है।यदि हम किसी इच्छा और लक्ष्य के लिए केवल स्वप्न ही देखते रहेंगे तो अंततः वो इच्छा और लक्ष्य स्वप्न ही बन कर रह जायेंगे।

पर यदि हम प्रयास करते रहेंगे और इस दिशा में कदम रखेंगे तो न केवल अपनी कमियों से लड़ कर उनको दूर कर पायेंगे,अपितु सफलता की ऊँचाइयों को भी छूएंगे।क्योंकि चाहे हम अपने मस्तिष्क में कितना भी बड़ा-बड़ा सोचें,बड़े-बड़े स्वप्न देखें पर हम कुछ भी नहीं पा सकते यदि हम इनको पाने के लिए ठोस प्रयास न करें।

अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पहला कदम उठाने के लिए पूरे साहस और दृढ संकल्प की जरूरत होती है।पर जब हम किसी कार्य को करने की दिशा में पहला कदम उठा लेते हैं,तो हम ये आशा कर सकते हैं कि चाहे अच्छा हो या बुरा कुछ न कुछ परिणाम तो आएगा ही।और अपने साहस और दृढ संकल्प के भरोसे हम बुरे परिणाम को भी बाद में अपने पक्ष में कर लेंगे।जिस प्रकार पानी की एक बूँद भी तरंगे पैदा कर सकती है,उसी प्रकार हमारा उठाया पहला कदम भी हमें सफलता की ओर ले जा सकता है।

जब हम एक शुरुआत करते हैं तो उसका अर्थ है हमने आधा लक्ष्य पा लिया क्योंकि शुरुआत करना ही सबसे कठिन कार्य है।हमें हमेशा ये ध्यान रखना होगा कि किसी भी जीत में पहले कदम का बहुत बड़ा योगदान होता है।इसलिए आओ उठें और अपने लक्ष्य को पाने के लिए पहला और ठोस कदम लें।