सफल होने के लिए:३

पूरी मेहनत करें और केवल लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित रखें:-

सफलता का सूत्र है कभी भी हार न मानना।जिस प्रकार किसी बर्तन में पड़ा केंकड़ों का झुंड उस में से बाहर आने की कोशिश करता है और जब कोई केंकड़ा उस में से निकलने वाला होता है तो अन्य केंकड़े उसे फिर से भीतर खींच लेते हैं,उसी प्रकार संसार में भी अनेकों लोग ऐसे हैं जो हमें आगे नहीं बढने देना चाहते और चाहते हैं हम असफल हो जाएँ।और इसलिए वे हमारे सामने रुकावटों का पहाड़ खड़ा करने की कोशिश करते हैं।

ऐसे समय में हमें स्वयं में विश्वास बनाये रखने की आवश्यकता है और साथ ही साथ इस बात की भी आवश्यकता है कि हम अपने उस लक्ष्य को जो हमने अपने लिए सोच रखा है,पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते रहें चाहे कितनी भी रुकावटें आयें।

हमें कभी भी कठिन परिक्ष्रम से डरना या भागना नहीं चाहिए क्योंकि कठिन परिश्रम ही वो मूल्य है जो हम सफल होने और जीवन के सभी पुरुस्कारों को पाने के लिए चुकाते हैं।एक सफल जीवन जीने के लिए हमें कठिन परिश्रम के द्वारा सफलता का पीछा तब तक करते रहना चाहिए,जब तक सफलता स्वयं हमारा पीछा न करने लगे।

यदि हम दृढ निश्चय कर लें और परिश्रम से न डरें तो कोई भी लक्ष्य हमारे लिए असंभव नहीं है।एक पुरानी कहावत है कि विश्वास से आप पर्वत को भी हिला सकते हैं।अर्थात् स्वयं में विश्वास रखने और लक्ष्य पर ध्यान लगाये रखने में ही ताकत है।

यदि हम ये विश्वास रखते हैं कि हम कर सकते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत वो करने से हमें नहीं रोक सकती।पूर्व अमरीकी पहलवान डान गेबल ने कहा था,”स्वर्ण पदक केवल स्वर्ण के नहीं बने होते।वास्तव में वे बने होते हैं,हमारे पसीने से,हमारे दृढसंकल्प से और एक मुश्किल से मिलने वाली मिश्रित धातु–हिम्मत से।”

यदि हम अपने लक्ष्यों को साफ़-साफ़ देखते रहेंगे अर्थात् उन पर ही केन्द्रित रहेंगे तो हमें उनको पाने के रास्ते में आने वाली कठिनाइयाँ और रुकावटें दिखाई नहीं देंगी।अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने कहा था,”हमेशा दिमाग में ये बात रखो कि तुम्हारा,स्वयं का,सफल होने का संकल्प ज्यादा महत्वपूर्ण है किसी भी अन्य बात से।”

अत: किसी भी चुनौती के लिए उठें,प्रयास करें,कड़ी मेहनत करें क्योंकि कुछ भी असंभव नहीं है यदि हम लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित रखें।अंततः कड़ी मेहनत,दृढ निश्चय और लक्ष्य पर ध्यान लगाये रखने से सफलता हमें अवश्य मिलेगी।