समय की कीमत:-

समय बहुत ही बलवान है।यह निरंतर ही चलता रहता है।कब समय चला जाता है पता ही नहीं चलता।हम रुपयों को तो तिजोरी में बंद करके रख सकते हैं,पर समय को बंद करके नहीं रख सकते।इसलिए हमें हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए।कोई भी क्षण व्यर्थ नही जाने देना चाहिए।व्यर्थ की बातें करने,हंसी –मजाक करने,दुर्व्यसनों में समय बिताने,आलस्य-प्रमाद करने और झूठ-कपट,पाप के कामों में समय बर्बाद करने से ज्यादा दुःखकर काम कोई नहीं हो सकता।

प्रत्येक को प्रतिदिन एक सा ही समय मिलता है।ये हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम इस समय का प्रबंधन किस प्रकार करते हैं।इस संसार में,समय वास्तव में पैसा है।समय प्रबंधन,एक सफल व्यक्ति बनने के लिए,मूल आवश्यकता है।सफल और कारगर लोग जानते हैं,किस प्रकार परिणाम पर ध्यान केन्द्रित रखा जा सकता है। जबकि असफल और नाकारा लोग केवल व्यस्त रहने पर ही अपना ध्यान केन्द्रित रखते हैं।

समय की गिनती उतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितना समय को महत्वपूर्ण बनाना।कारगर लोग कार्य सिद्धि पर ध्यान लगाते हैं न कि तनाव से राहत दिलाने वाले विचलनों पर।अपनी दिनचर्या में,सिद्ध समय प्रबंधन तकनीकों के उपयोग को समाविष्ट करते हुए,हम अपने जीवन में कम तनाव का अनुभव कर सकते हैं।

हमें,टाल-मटोल को,उसके सभी आकर्षक रूपों में करने से बचना चाहिए।महत्वपूर्ण को महत्वहीन से पृथक करना सीखना और अपने भीतर “अभी करें ‘का रवैया विकसित करना सीखना चाहिए।हम समय प्रबंधन,अपनी गतिविधियों को प्रबंधित करके कर सकते हैं और गतिविधियों का प्रबंधन शुरू होता है योजना बनाने से।

कारगर समय प्रबंधक अपने कार्यों को योजनाबद्ध करने और बाद में उन योजनाओं पर काम करने के महत्व को जानते हैं।ये हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम समय की कद्र करें और इसको अर्थ और मूल्य दोनों दें।

याद रखें,यदि हम एक वर्ष की कीमत जाना चाहते हैं तो हमें उस विद्यार्थी से पूछना चाहिए जो उस साल असफल हो गया हो।यदि हम एक महीने की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें  उस माँ से पूछना चाहिए,जिसने समय से पहले बच्चे को जन्म दिया है।यदि हम एक हफ्ते की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें साप्ताहिक अखबार के सम्पादक से पूछना चाहिए।

यदि हम एक दिन की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें किसी स्कूली बच्चे से ठीक ग्रीष्मावकाश से पहले दिन पूछना चाहिए।यदि हम एक घंटे की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें उस अपराधी से पूछना चाहिए जिसे मौत की सजा मिली हो।यदि हम एक मिनट की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें उस व्यक्ति से पूछना चाहिए जिसने एक मिनट के अंतर से अपनी उड़ान मिस कर दी हो।

यदि हम एक सेकंड की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें उस व्यक्ति से पूछना चाहिए जो अभी-अभी एक पल के अंतर से एक गंभीर कार एक्सीडेंट से बचा हो।और यदि हम सेकंड के सौंवे हिस्से की कीमत जानना चाहते हैं तो हमें उस एथलिट से पूछना चाहिए जिसने ओलिंपिक में सिल्वर मैडल जीता हो।

समय प्रबंधन के लिए हमें सबसे पहले सबसे जरूरी काम करने चाहिए।हर रोज अपनी कार्य-सूची को व्यवस्थित करना चाहिए।यथार्थवादी बने रहना चाहिए।आरम्भ करने के लिए चीजों को आसान बनाना चाहिए।एक समय पर एक ही कार्य पर ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए।यदि कभी कोई कार्य करते करते हम थक जाएँ या बोरियत महसूस करें तो हमें अपने कार्यकलाप बदल लेना चाहिए।हमें ना कहना सीखना चाहिए और हमेशा जीवन में उच्च उदेश्यों को देखते रहना चाहिए।

तो क्या आप भी अपने दिनों को सार्थक बना रहे हैं ?क्या आप भी अपनी अधिकाँश जिन्दगी बना रहे हैं और आप अपनी बची हुई जिन्दगी के साथ क्या करेंगे?क्योंकि हमारे जीवन की सफलता उसकी अवधि से नहीं नापी जा सकती बल्कि उसने क्या दिया है इस बात से नापी जा सकती है।इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कितने वर्षों तक जिए बल्कि हम कितने अच्छे से और समझदारी से जीए इस बात का महत्व है।