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Archives for February, 2016

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हमेशा अपने कार्यों और विचारों से सकारात्मक रहें :

हमेशा अपने कार्यों और विचारों से सकारात्मक रहें :- हमेशा जब भी सोचें सकारात्मक सोचें क्योंकि हम वैसा ही बन जाते हैं जैसा हम सोचते हैं।यदि हम हर वक्त नकारात्मक ही सोचते रहेंगे तो एक दिन ऐसा आएगा कि ये नकारात्मकता हम पर पूर्ण रूप से हावी हो जायेगी...

अच्छी आदतें :

अच्छी आदतें :- दूसरों को इज्जत और सम्मान देना और साथ ही साथ स्वयं को भी इज्जत की निगाहों से देखना ,दूसरों और स्वयं के प्रति विनम्रता, शांति और शिष्टाचार का भाव रखना ही अच्छी आदत है।जब कोई हम से बुरी तरह से पेश आता है ,मसलन वो हमें कभी...

हमारे बुजुर्ग और हम :-

 हमारे बुजुर्ग और हम  :- हमारे बुजुर्ग एक बरगद के पेड़ की तरह होते हैं। जिस प्रकार बरगद का पेड़ अपनी शाखाओं को फैला कर हमें छाया ,सुख और शान्ति प्रदान करता है ,उसी प्रकार हमारे बुजुर्ग भी अपने प्यार ,देखभाल और संरक्षण को हमारे चारों ओर फैला देते...

जरूरत से ज्यादा सीधा और मासूम नहीं होना चाहिए :-

जरूरत से ज्यादा सीधा और मासूम नहीं होना चाहिए :- चाणक्य कहते हैं जिस प्रकार सीधे खड़े पेड़ काट लिए जाते हैं और टेढ़े खड़े पेड़ बच जाते हैं उसी तरह ज्यादा सीधा साधा होना  ठीक नहीं है। चाणक्य की ये बात आज के सन्दर्भ मे कितनी सही लगती है।आज हर कोई एक दूसरे का...

हम कहाँ जा रहे हैं ?

हम कहाँ जा रहे हैं ? पुराने समय में लोग जंगलों में रहते थे या गुफाओं में रहते थे ।वे अपने भोजन की पूर्ति कंद -मूल खा कर या जंगली जानवरों का शिकार कर के किया करते थे।तब कोई भी धर्म नहीं था और न ही कोई जाति थी और...