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Archives for March, 2016

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माँ -एक श्रद्धांजलि

माँ -एक श्रद्धांजलि:- माँ धरती पर भगवान् का रूप है। हम भगवान् को प्रत्यक्ष नहीं देख सकते ,वह हर जगह नही हो सकता  इसलिए भगवान् ने माँ बनाई है।माँ का प्यार ही सच्चा  होता है। जब बच्चा रोता   है तो माँ रोती है। जब बच्चा हँसता है तो माँ हंसती...

दिव्य विचार -संसार के कण कण से प्यार

दिव्य विचार -संसार के कण कण से प्यार:- हमेशा प्यार से ,सच्चा और मीठा बोलो। ऐसा कारण मे कोई पैसा नहीं लगता। दूसरों के प्रति प्यार और दया रखना भी परोपकार है। यदि कोई तुमसे क्रोध से बोले उसका जवाब हमेशा प्यार से देना चाहिए। प्यार के दो बोल बड़ी से...

सद्विचार :

सद्विचार :- सब जड़ चेतन  वस्तुओं का आदि मूल परमात्मा है। अर्थात् हम सभी उसी परमात्मा की संतान हैं जो आदि है ,सर्वव्यापी है ।वो ईश्वर निराकार,सर्वशक्तिमान,न्यायकारी,दयालु,अजन्मा,सच्चिदानन्दस्वरूप ,अजर,अमर है अतः हमेशा उन को याद रखो। सुख अथवा दुःख  मे ईश्वर को न भूलो।ईश्वर में मन लगाने वाला कभी भी गलत काम नहीं करता।...

अच्छे बनो

अच्छे बनो:- कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए की लोग हमारे बारे मे क्या सोचते हैं। जरूरी नहीं है की यदि आप ख़राब हों तभी आपको कोई ख़राब बताये। या कोई हमें अच्छा बताये तो ही हम अच्छे कहलाए जाएंगे। दूसरे हमारे बारे मे कोई भी राय बनाएं हमें...

जीवन मे सफलता के सूत्र

जीवन मे सफलता के सूत्र :- १. निष्काम सेवा व साधना करें: जब बिना किसी स्वार्थ के ,बिना किसी इच्छा के ,निष्काम मन से सेवा  व साधना की जाती है तो भगवान हम पर  प्रसन्न हो कर हमें ये गुण प्रदान करते हैं।  सर्वप्रथम वे हमें ऐसी बुद्धि देते हैं जो...

खुश रहें-लम्बा जीयें

खुश रहें-लम्बा जीयें :- ख़ुशी हमारे जीवन का अंतिम लक्ष्य है। ये हमारे शरीर को आराम और हमारी आत्मा को शांति प्रदान करता है। ये ख़ुशी हमारी आत्मा और शरीर मे ही विद्धमान है ,इसलिए इसे बाहर खोजने की जरूरत नहीं है। ये हमें सांसारिक सम्पति मे नहीं मिलेगी।...

कमियों और गलतियों को आत्मविकास के लिए उपयोग करो

कमियों और गलतियों को आत्मविकास के लिए उपयोग करो : हम सब भगवान की एक आकर्षक कृति हैं। उसने हमें दो आँखें इस जगत और ब्रह्माण्ड की सुंदरता निहारने के लिए दी हैं। उसने हमें नाक दी है अच्छी वस्तुओं की खुशबू सूंघने के लिए। उसने हमें सुन्दर खाल...

बहुमूल्य बातें

बहुमूल्य बातें:- क्रोध से दूर रहना चाहिए क्योंकि क्रोध करने से कोई फायदा नही होता बल्कि ये हमारी सोचने समझने की शक्ति को नष्ट कर देता हे और हमें नुक्सान पहुंचाता है।कभी-कभी हम बेवजह गुस्सा करने लगते हैं।अक्सर लोग हमें गुस्सा दिलाने की कोशिश करते हैं।कई बार हमारी गलती...

सदःगुण हर किसी से ग्रहण करो

सदःगुण हर किसी से ग्रहण करो:- चाणक्य के अनुसार अगर हो सके तो विष में से भी अमृत निकाल लें ,यदि सोना गंदगी मे भी पड़ा हो तो उसे उठाएं,धोएं और अपनाएं ,निचले कुल मे जन्म लेने वाले से भी सर्वोत्तम ज्ञान ग्रहण करें,उसी तरह यदि कोई बदनाम घर...

सामाजिक अलगाव के दुष्प्रभाव और समाधान

सामाजिक अलगाव के दुष्प्रभाव और समाधान :- कभी कभी हम इस भागदौड़ भरी जिंदगी मे काफी अकेलापन महसूस करते हैं ,अपने अंदर ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं,जबकि हम हर दिन एक्सरसाइज करते हैं,अच्छा खाना खाते  हैं। ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि हम अपने लिए वक्त नहीं निकाल पाते।हमारे पास...
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