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Archives for March, 2016 - Page 2

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देश का सम्मान करो।

देश  का सम्मान करो:- जननी जन्म भूमि स्वर्गात अपि गरीयसी।  अथार्थ जननी जन्म भूमि ये हमारा देश जिसमे हमने जन्म लिया है यह स्वर्ग से भी ज्यादा सुन्दर है। जब हम अपनी मातृभूमि का ,अपने देश का सम्मान करते हैं तभी हम सम्मान के हकदार होते हैं। जिस देश के...

जब भी बोलो मीठा बोलो

जब भी बोलो मीठा बोलो:- जब भी बोलो मीठा बोलो,कानों मे मिश्री सी घोलो मीठा मीठा बोल के भैया,सब तुम्हारे तुम सब के हो लो। हमारे बड़े बुज़ुर्ग कहा करते हैं एक चुप सौ सुख। दुसरे शब्दों मे चुप्पी का एक पल ,शांति के सौ क्षणों की और ले के...

तनाव से कैसे निपटें :-

तनाव से कैसे निपटें :- आजकल हम अपने चारों ओर देखते हैं तो पाते हैं की कहीं कोई आत्महत्या कर रहा है ।कहीं कोई आपस मे लड़ रहा है।कहीं कोई किसी का क़त्ल कर रहा है।इन सब का कारण क्या है? यह सब इसलिए है क्योंकि हम तनावग्रस्त हैं।तनाव...

सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छे शत्रुओं की आवश्यकता होती है:-

सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छे शत्रुओं की आवश्यकता होती है:- चाणक्य कहते हैं,”सफल होने के लिए अच्छे मित्रों की आवश्यकता होती है ,लेकिन सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छे शत्रुओं की आवश्यकता होती है। ” मित्र हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। एक...

मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती:

मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती :- एक बार चन्द्रगुप्त ने चाणक्यसे पुछा ,”गुरुदेव अगर सभी की किस्मत पहले से ही लिखी होती है ,जैसा की लोग कहते हैं ,तो हमें कोशिश करने से भी क्या हासिल हो जाएगा। तब चाणक्य ने बहुत ही सुन्दर उत्तर दिया...

चाणक्य कहते हैं :

चाणक्य कहते हैं :- चाणक्य कहते हैं :किसी भी मनुष्य की वर्तमान स्थिति को देख कर उसके भविष्य का उपहास मत उड़ाओ क्यूंकि काल मे इतनी शक्ति है की वो एक मामूली से कोयले के टुकड़े को भी हीरे मे बदल सकता है। अर्थात्: समय बहुत ही बलवान है।...

देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी और कर्तव्य :

देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी और कर्तव्य :- किसी भी देश के नागरिकों के कुछ मौलिक अधिकार होते हैं। वह अपने इन मौलिक अधिकारों का  तो बहुत अच्छी तरह से इस्तेमाल करता है।पर उसे इस के साथ-साथ ये भी समझना होगा कि उसकी अपने देश के प्रति भी कुछ...
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