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Archives for May, 2016 - Page 3

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भगवान् की भक्ति क्यों :-

भगवान् की भक्ति क्यों :- ईश्वर सर्व-भूत है :- प्राचीन काल से ही ,धार्मिक और गैर धार्मिक संप्रदायों के लोग भगवान् को अपने -अपने तरीके से परिभाषित करते हैं। कुछ उसे एक चेहरा,आकार या अलग-अलग नाम  दे देते हैं। “ईश्वर सच्चिदानंद स्वरुप ,निराकार ,सर्वशक्तिमान ,न्यायकारी,दयालु,अजन्मा,अनन्त,निर्विकार ,अनादि,अनुपम,सर्वाधार ,सर्वेश्वर,सर्वव्यापक ,सर्वान्तर्यामी,अजर,अमर,अभय,नित्य,पवित्र,और सृष्टिकर्ता है।...

राय (सुझाव)को आलोचना समझने की भूल ना करें :-

राय (सुझाव)को  आलोचना समझने की भूल ना करें :- हमारे आसपास रहने वाल हर व्यक्ति ,जिसमे हमारे माता-पिता,दोस्त ,अध्यापक आदि हमारी बुरी आदतों के बारे मे हमें सचेत करते रहते हैं। साथ ही साथ कहाँ हम सुधार कर सकते हैं ये भी बताते हैं  और जब हम अच्छा करते हैं...

दिव्य सन्देश:९

दिव्य सन्देश:९ कभी भी गुजरे हुए कल का पश्चाताप ना करो ,ना ही आने वाले कल को खोने का भय पालो। आज का आनंद लो। अर्थात् जो हो चुका उसे तो बदला नही जा सकता इसलिए जो बीत गया उसका पश्चाताप करके भी कोई फायदा नहीं है।केवल हम उस से...

आज का विचार :-

आज का विचार :- उसने दो नन्हे हाथ,मेरी गर्दन में डाल दिए ।और, मेरे गालों पर,मीठी सी किस करी। मैं जैसे वक्त के सागर मे,गहरा उतर गया।आज जहाँ वो खड़ी है ,कल मैं खड़ा था। इसी तरह,दो नन्हे हाथ,उनकी गर्दन मे डाले।गालों पर चुंबन देते हुए।आज भी—– और वो भी...

कुछ सूत्र :-

कुछ सूत्र :- दूसरों के प्रति आदर का भाव रखें और सच्चे मनुष्य बनें।:- दूसरों को और उनके अधिकारों को सम्मान देना आपको एक सच्चे मनुष्य के तौर पर दूसरों से अलग करता है। एक सच्चा मनुष्य वही है जो अन्य पर प्यार,दयालुता और देखभाल की बारिश करता है। ये...

दिव्य सन्देश:८

दिव्य सन्देश:८ परम त्रासदी,बुरे लोगों द्वारा उत्पीड़न और क्रूरता नहीं है बल्कि अच्छे लोगों द्वारा उस पर चुप रहना है।  –मार्टिन लूथर किंग जूनियर अर्थात् बुरे लोगों की तो फ़ितरत ही होती है दूसरों को कष्ट देना और उन के साथ क्रूरता से पेश आना पर जब अच्छे लोग...