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Archives for July, 2016

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त्यागपूर्वक भोग करो :

त्यागपूर्वक भोग करो :- इस परिवर्तनशील संसार में जड़ और चेतन जितना भी जगत है ,सब ईश्वर से व्याप्त है।सब जीवों में उसकी उपस्थिति है।अत: सबको त्याग के साथ अर्थात् पहले सब प्राणियों को ध्यान में रखकर,उनको जरूरत के वक्त मदद और दान आदि दे कर ,फिर भोग करना...

ध्यान – हमारे भीतर शांतिपूर्ण वापसी के लिए:

ध्यान – हमारे भीतर शांतिपूर्ण वापसी के लिए:- हमारा वास्तविक शत्रु बाहर नहीं हमारे भीतर ही है ,अत: ध्यान करें क्यूंकि इससे हमें  हमारे भीतर शांतिपूर्ण वापसी के लिए एक जगह मिल जायेगी। “हमेशा ,सोच ,वचन और कर्म से ,पूर्ण सामंजस्य का उद्देश्य रखें।हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने...

सफलता की कुँजी:-

सफलता की कुँजी:- सफलता की कुँजी है -कठोर परिश्रम, दृढ संकल्प ,अपने काम के लिए तीव्र प्यार,प्रत्यक्ष से परे देखना और असफलताओं को स्वीकारना। खुशी का राज है- कठिनाई।केवल कठोर परिश्रम और दृढ संकल्प के द्वारा ही कोई अपने सपनों को पूरा कर सकता है।बहुत सारे लोग ,जिनके पास...

जीवन में चार का महत्व :

जीवन में चार का महत्व  :-  निंद्रा चार जनों को नहीं आती –१]जिसके पास बल और सहायक न हों फिर भी बलवान के संग वैर करे; २]जिसका द्रव्य चला जाए ;३]जो काम के वशीभूत हो और ४]जो चोर हो। अर्थात् जब हम बिना किसी ताकत के बलवान के संग वैर...

जीवन के ऋण:

जीवन के ऋण :- मानव जीवन में जब पुन्य का क्षय होता है और पाप अपना प्रभाव डालते हैं ,जब साधना से ,सद्विचारों से ,सत्कार्यों से मानव मुँह फेर लेता है तथा अहंकार एवम् किसी भी बल के मद में अपने को महान समझने लगता है तो उसके जीवन...

ALL IS WELL:

ALL IS WELL:- When nothing is right,And you feel like in hell,Keep chanting, All is well, All is there is negativity around you,you could smell,Keep chanting,All is well, All is well. What is in future,Nobody can tell,So keep chanting,All is well, All is are free, you are mature,You...

विचारणीय :१

विचारणीय :१ एक सफल व्यक्ति और अन्य लोगों के बीच का अंतर ,शक्ति की कमी नहीं है, ज्ञान की कमी नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी है।   – विंसेंट थॉमस लोम्बार्डी अर्थात्  हालांकि दो व्यक्ति सामान रूप से पढ़े लिखे और शक्तिवान हो सकते हैं किन्तु हम देखते हैं...

कष्ट एवम् दोष –कारण व निवारण :

कष्ट एवम् दोष –कारण व निवारण :- संसार में तीन तरह की वस्तुएँ हैं –आत्मा ,परमात्मा और अनात्मा।हम सब आत्मा हैं और जगत के सब जड़ पदार्थ अनात्मा हैं।वस्तुतः हम समझते हैं कि जब अनात्मा पदार्थ हमारे अनुकूल होते हैं तब हमें सुख की प्राप्ति होती है।यह संसार तथा...

जीवन में तीन बातों का महत्त्व :

जीवन में तीन बातों का महत्त्व :- इस लोक में मनुष्यों को तीन उपाय हैं – १]युद्ध करना-कनिष्ठ ; २]ढोंग फ़ितूर करना –माध्यम और ३]सात्विकता से चलना –उत्तम। अर्थात् हालांकि हम युद्ध कर के अपने विरोधियों को परास्त कर सकते हैं ,ढोंग कर के ,झूठ बोल कर भी अपना काम चला...

वचनामृत :१०

वचनामृत :१० मनुष्य जैसा जीवन व्यतीत करता है ,वैसे ही उसके विचार हो जाते हैं।   -मैक्सिम गोर्की अर्थात् यदि हम बुरे व्यक्तियों के साथ रहेंगे तो धीरे -धीरे बुरे हो जायेंगे और हमारे दिमाग पर  बुरे विचार हावी हो जायेंगे लेकिन यदि हम सज्जन लोगों का साथ करते हैं...