परसेवा किस प्रकार करनी चाहिए :- चाहे हमारे पास धन न हो ,बल न हो ,न ही बुद्धि ,योग्यता और सामर्थ्य हो ,तब भी हम दूसरों की सेवा कर सकते हैं।सेवा करने का अर्थ होता है ,दूसरे का हित करना और उसे प्रसन्नता प्रदान करना।हृदय से किसी के दुःख...