ACT POSITIVE NOW

Archives for September, 2016

You are here: » »

विचारणीय:९

विचारणीय:९ किंग तंग के स्नान टब पर ये शब्द उत्कीर्ण थे :यदि आप एक दिन खुद का पुनरुद्धार करोगे,तो प्रतिदिन ऐसा करो।हाँ ,चलो वहाँ दैनिक नवीकरण हो।-कांफुचियन  अर्थात् मनुष्य को प्रतिदिन रुक कर इस बात का अवलोकन कर लेना चाहिए कि वह किस दिशा में जा रहा है।वह नेकनीयती,सच्चाई...

विचारणीय:८

विचारणीय:८ प्लेटो मेरा दोस्त है,एरिस्टोटल मेरा दोस्त है किन्तु मेरा सबसे बड़ा दोस्त सच्चाई है।–इसाक़ न्यूटन अर्थात् व्यक्ति के कई दोस्त हो सकते हैं किन्तु मनुष्य का सबसे बड़ा दोस्त सच्चाई ही है।दोस्त वो होता है जो प्रत्येक परिस्थिति में हमारा साथ दे।सच्चाई एक ऐसा दोस्त है जो जीवन...

विचारणीय:७

विचारणीय:७ मूर्ख पानी पर बनी लहरों के समान होते हैं क्योंकि जो कुछ भी वे करते हैं जल्दी से मिट जाता है ;जबकि नेक पत्थर पर नक्काशियों की तरह हैं,क्योंकि उनका छोटे से छोटा कार्य भी स्थायी होता है –होरेस अर्थात् मुर्ख व्यक्ति बिना सोचे विचारे सब काम करते...

सफलता प्राप्त करने के लिए :-

सफलता प्राप्त करने के लिए :- अपने भय और असुरक्षा की भावना पर काबू पायें : अक्सर व्यक्ति पुरानी यादों और बातों से घिरा रहता है और उन्हें याद कर-कर के पछताता रहता है।वो भयभीत रहता है कि अतीत की वो बुरी घटनाएँ कभी दोबारा न घट जाएँ।अक्सर लोग...

सच्चाई यही है कि कभी -कभी असामान्य महसूस करना मामूली बात है:-

सच्चाई यही है कि कभी -कभी असामान्य महसूस करना मामूली बात है:– कभी-कभी विभिन्न कारक आपको उदास बना सकते हैं।आप महसूस करते हैं कि आप को गहरी चोट लगी है पर आप इसका कारण नहीं समझ पाते।विश्वास कीजिये ये एक सामान्य बात है और हर एक को कभी न कभी ऐसी  परिस्थिति से दो-चार...

विचारणीय-६

विचारणीय-६ गलतियाँ हमेशा क्षम्य हैं,यदि व्यक्ति में उन्हें स्वीकार करने का साहस हो।–ब्रूसली अर्थात् ये मानव प्रवृति है कि अक्सर वह गलतियाँ करता है और फिर उन्हें छुपाना भी चाहता है।शायद ऐसा करने का मुख्य कारण है कि वह दूसरों के आगे शर्मिंदा नहीं होना चाहता और शायद एक...

चेतन को महत्व दें :-

चेतन को महत्व दें :- हम लोगों की मुख्य भूल है कि जो जड़ है,नाशवान है,परिवर्तनशील है,उसे तो हम सच्चा मान लेते हैं और प्रमुखता देते हैं और जो चेतन है,अविनाशी है,अपरिवर्तनशील है उसे कोई महत्व नहीं देते।हम शरीर को ही प्रमुख मान लेते हैं।शरीर का ही आदर करते...

दयालु होने के लिए धार्मिक होने की जरूरत नहीं है :-

दयालु होने के लिए धार्मिक होने की जरूरत नहीं है :- यदि एक पिता बूढ़ा हो रहा हो और अपने बच्चों को,संसार में कामयाब बनने योग्य बनाने के लिए कोई सुझाव या सलाह देना चाहे तो वह क्या होगी ?हर एक माता-पिता अपने बच्चों को अलग -अलग शिक्षा देंगे पर...

अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए :-

अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए :- अपने सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलें : अपने व्यक्तिगत विकास के लिए ये बहुत आवश्यक है कि हम अपने सुविधा क्षेत्र से बाहर आयें।अन्यथा कैसे हम ये उम्मीद रख सकते हैं कि हम अपने पेशे में आगे बढ़ेंगे यदि हम अपनी...

औरों के लिए जीना :-

औरों के लिए जीना :- सच्ची ख़ुशी का माधुर्य चखने के लिए औरों के लिए जीवन जीयें : कोई किस प्रकार खुश  रह सकता है ?अक्सर ये प्रश्न दिमाग में कोंधता रहता है और हम सब इसका उत्तर खोजते रहते हैं,पर इसका उत्तर बाहर नहीं अपितु वास्तव में हमारे...
12