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Archives for September, 2016 - Page 2

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दृष्टिकोण :-

दृष्टिकोण :- हमारे भीतर जो है अर्थात् हमारा दृष्टिकोण ,वही हमें ऊपर उठने के लिए प्रेरित करता है : एक समय की बात है।एक आदमी किसी मेले में गुब्बारे बेच कर अपनी आजीविका कमाता था।उसके पास सभी रंगों के गुब्बारे थे –लाल,पीले ,नीले और हरे।जब कभी भी व्यापार मंदा...

एकान्त(अकेलापन) :

एकान्त(अकेलापन) :– अकेलापन(एकान्त) हमें अपने आप को खोजने का एक अवसर देता है,और सांसारिक और आध्यात्मिक लक्ष्यों के बीच सामंजस्य बनाने में मदद करता है। हमेशा ये प्रश्न कई नौजवान स्त्री-पुरूषों के दिमाग को परेशान कर सकता है कि क्या मैं नौकरी कर के शादी कर लूँ या अपना...

वर्तमान में जीएं और अपने को पुनः खोजने के लिए समय निकालें :

वर्तमान में जीएं और अपने को पुनः खोजने के लिए समय निकालें :- आध्यात्मिकता हमारे किये जाने वाले कामों की सूची में होना चाहिए: आधुनिक जीवन की मांगों ने हमारे लिए हमारी आध्यात्मिक, बौद्धिक और भौतिक दायरों की उन्नति में सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाना,मुश्किल  कर दिया है।जीवन के दबावों ने हमें मजबूरन बौद्धिक विकास...

अपने सुख और दुःख के कारण हम स्वयं हैं :

अपने सुख और दुःख के कारण हम स्वयं हैं :- इस जगत में सुख भी हैं और दुःख भी।प्रत्येक मनुष्य के जीवन में दुःख भी हो सकते हैं और सुख भी।हमारे जीवन में सुख रहेगा या दुःख,इस के कारक हम स्वयं हैं।यदि हम कल्याणकारी मार्ग का अनुसरण करेंगे तो...

विचारणीय:५

विचारणीय:५ ज्ञानी वह है जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझ सके और परिस्थिति के अनुसार आचरण करे। –होमर   अर्थात् हमें हर काम सोच विचार कर करना चाहिए।कभी-कभी हम बिना सोचे विचारे किसी भी बात पर प्रतिक्रिया दे देते हैं और बाद में पछताते हैं।हमें पहले परिस्थिति को अच्छी...

प्यार और शान्ति ,जीवन के सभी दुखों का समाधान हैं :

प्यार और शान्ति ,जीवन के सभी दुखों का समाधान हैं : पैदा होने से मरने तक ,हमें केवल प्यार की जरूरत होती है।प्यार के अंतर्गत सभी कुछ आ जाता है।अपने निकट सम्बन्धियों और प्रियों का प्यार और स्वीकृति ,हमारे अन्दर आत्मविश्वास पैदा कर देता है और जीवन राह पर...

हम भी एक साधारण जीवात्मा से असाधारण महात्मा में बदल सकते हैं:

हम भी एक साधारण जीवात्मा से असाधारण  महात्मा में बदल सकते हैं:- असली दीर्घकालिक दृष्टि आती है, जब हम समझ जाते हैं कि संसार में हर वस्तु अस्थाई है। हम इसको अपने साथ नहीं ले जा सकते।ऐसा होने पर हम जीवन के तुच्छ सुखों के प्रति दिलचस्पी खो देंगे...
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