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Archives for December, 2016

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विचारणीय:२८

विचारणीय:२८ गरीब वह है,जिसका खर्च आमदनी से ज्यादा है।-बूएयर अर्थात् जब व्यक्ति उतने में जितना वो कमाता है,खर्चा नहीं चलाता अर्थात् फिजूलखर्ची करता है तो अंतत: उसे पैसे न होने की वजह से दूसरों से कर्जा लेना पड़ता है।इस तरह वो कर्ज के दलदल में फंसता चला जाता है।जबकि...

विचारणीय:२७

विचारणीय:२७ जिसके पास धैर्य है,वह जो कुछ इच्छा करता है,प्राप्त कर सकता है।–फ्रैंकलिन अर्थात् सभी कार्य धीरे-धीरे ही संपन्न होते हैं।एक वृक्ष भी पहले एक बीज ही होता है और धीरे –धीरे खाद-पानी आदि पा कर एक दिन सघन वृक्ष बन जाता है।जीवन में व्यक्ति के जीवन में हर...

सफल होने के लिए:३

सफल होने के लिए:३ पूरी मेहनत करें और केवल लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित रखें:- सफलता का सूत्र है कभी भी हार न मानना।जिस प्रकार किसी बर्तन में पड़ा केंकड़ों का झुंड उस में से बाहर आने की कोशिश करता है और जब कोई केंकड़ा उस में से निकलने वाला...

सफल होने के लिए:२

सफल होने के लिए:२ शांत,विनम्र और संतुलित रहें:- किसी ने ठीक कहा है “शांत और विनम्र रहिये और आप नरक को भी स्वर्ग में बदल सकते हैं।”वास्तव में हमें हमेशा स्वयं को ये याद दिलाते रहना चाहिए कि विनम्रता और शान्ति का विकल्प हमारे स्वयं के भीतर मौजूद होता...

सफल होने के लिए:१

सफल होने के लिए:१ पहला कदम लें:- चाहे व्यक्ति तैयार हो या न हो पर उसे शुरुआत कर देनी चाहिए।वास्तव में हम हमेशा कोई भी कार्य शुरू करने से पूर्व सोच में पड़ जाते हैं कि हम ये कार्य कर पायेंगे या नहीं,हम तैयार हैं या नहीं और फिर...

विचारणीय:२६

विचारणीय:२६ यदि आदमी सीखना चाहे तो हर  एक भूल उसे शिक्षा दे सकती है।–गांधी  अर्थात् अक्सर व्यक्ति की प्रवृति होती है कि वो सोचता है कि वो सब जानता है और इसलिए कोई भूल भी हो जाती है तो वो उसे मानता नहीं है।जब व्यक्ति ऐसा करता है तो...

विचारणीय:२५

विचारणीय:२५ आपको अपनी समस्याएँ खुद ही सुलझानी होंगी,हर रोज कड़ी मेहनत करो;आपको असली बात पकड़ कर रखनी होगी,इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है।–गर्टरूड टी० बकिंघम अर्थात् हमारा मूल उद्देश्य होता है अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयत्न करना और सफलता को प्राप्त करना।हालांकि इस उद्देश्य को पूरा...

विपरीत परिस्थितियों में या जब कोई हमसे अभद्र व्यवहार करे तो शांत और संयमित कैसे रहा जाए ?:-

विपरीत परिस्थितियों में या जब कोई हमसे अभद्र व्यवहार करे तो शांत और संयमित कैसे रहा जाए ?:- जब कभी हमारी कोई इच्छा पूरी नहीं होती या हमारे सामने कोई समस्या,रुकावट अथवा कठिन परिस्थिति आ जाती है तो हम अशांत और असंयमित हो जाते हैं।वहीँ हम तब भी अशांत...

विचारणीय:२४

विचारणीय:२४ वे कितने निर्धन हैं जिनके पास धैर्य नहीं है।क्या आज तक कोई घाव बिना धैर्य के ठीक हुआ है।-शेक्सपियर अर्थात् कोई भी काम धीरे-धीरे ही संपन्न होता है।जिस प्रकार मनुष्य पहले बच्चा होता है और धीरे-धीरे जवान होता है,जिस प्रकार किसी भी घाव को ठीक होने में समय...

विचारणीय:२३

विचारणीय:२३ शान्ति ठीक वहाँ से शुरू होती है,जहां महत्वाकांक्षा का अंत हो।-यंग अर्थात् जब हम महत्वाकांक्षी होते हैं तो आगे बढने के लिए साम-दाम-दंड-भेद सभी तरह के हथकंडे अपनाते हैं।इससे हम अन्य लोगों को अपना शत्रु बना लेते हैं और झगडे को न्योता देते हैं।कभी-कभी हम स्वयं भी आगे...
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