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Archives for January, 2017

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विचारणीय:३३

विचारणीय:३३ माता का हृदय बच्चे की पाठशाला है।-बीचर अर्थात् बच्चा ज्यादातर वक्त माता के साथ ही बिताता है,इसलिए बच्चा वही सब कुछ सीखता है जो उसकी माँ उसे सिखाना चाहती है अथवा जिस प्रकार का माँ का हृदय होता है।माँ की दयालुता से बच्चा दयालु होना सीखता है।माँ की...

जीवन कैसे जीयें:१

जीवन कैसे जीयें:१ प्रेम और सौहार्द की राह चुनें:- इस भौतिक संसार में जहाँ शैतानी और द्रोही ताकतें अपने बाधा पहुंचाने वाले स्वभाव और कृत्यों के साथ चहुँ ओर व्याप्त हैं,वहीँ प्रेम,सौहार्द और शान्ति देने वाली शक्तियाँ भी अपने विभिन्न रूपों में चहुँ ओर विद्यमान हैं। जहाँ शैतानी ताकतों...

विचारणीय:३२

विचारणीय:३२ क्रोध को जीतने में मौन जितना सहायक होता है,उतनी और कोई भी वस्तु नहीं।-महात्मा गाँधी अर्थात् जब कोई हम पर क्रोधित होता है तो हमको बुरा-भला कहने लगता है।बदले में हम भी क्रोधित हो उठते हैं और दूसरे को बुरा भला कहते हैं।जिस प्रकार आग में घी डालने...

विचारणीय:३१

विचारणीय:३१ जो बातें विचार पर छोड दी जाती हैं,वे कभी पूरी नहीं होती।-हरिभाऊ उपाध्य्याय अर्थात् मनुष्य हमेशा बड़े-बड़े मंसूबे बनाता रहता है।अपने लिए बड़े-बड़े लक्ष्य तय करता है और ऊँचाइयों को छूने की बातें करता है।पर यदि ये बातें केवल सोच तक ही रह जाएँ और कार्यान्वित न की...

विचारणीय:३०

विचारणीय:३० सच्चे दोस्त वे हैं,जिनकी देह दो,पर आत्मा एक होती है।-अरस्तु अर्थात् सच्चा दोस्त वह होता है जो हमारी तरह ही सोचता है।जब हमें दर्द होता है तो उसे भी होता है।जब हमें ख़ुशी मिलती है तो वो भी खुश होता है।जब हमारी तरक्की होती है तो वो सोचता...

जरा सोचिये:१

जरा सोचिये:१ स्वच्छता हमारे जीवन का प्रमुख अंग है।फिर चाहे वो अपने घर की स्वच्छता हो,अपने आस-पास के परिवेश की अथवा स्वयं के भीतर की।स्वच्छ वातावरण में ही शरीर स्वस्थ रह पाता है। हम नित्य ही अपने घर की सफाई आदि करते हैं।कोई भी दिन ऐसा नहीं जाता जब...

खुश रहने के लिए-४

खुश रहने के लिए-४ अपनी योग्यता निर्धारित करें,अपनी तुलना अन्य के साथ न करें,कर्म में विश्वास करें:- प्रत्येक मनुष्य समाज को कुछ देना चाहता है।हमें ये निर्धारित करना होगा कि हमारी विशेषताएं क्या हैं और हम समाज को क्या दे सकते हैं?जब ये निर्धारित हो जाए तो उस विशेषता...

खुश रहने के लिए-३

खुश रहने के लिए-३ अपने चारों ओर सामाजिक समर्थन प्रणाली को सुदृढ़ करें :- अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें लोगों के एक मजबूत समर्थन प्रणाली की जरूरत होती है।हमें ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता होती है जिनके दिलों में हमारे हित की बात होती हो। हालांकि हम...

खुश रहने के लिए-२

खुश रहने के लिए-२ एक जीवंत सकारात्मक सोच रखें:- जब हम सकारात्मक सोचते हैं तो हमारे जीवन में सही चीजें,सही लोग और सही परिस्थितियाँ आने लगती हैं।जब हम अपने चारों ओर सकारात्मकता का दबाव बना लेते हैं तो हमारे अन्दर से प्यार,ख़ुशी और प्रकाश का संचार होने लगता है,जो...

खुश रहने के लिए-१

खुश रहने के लिए-१ चीजों को स्वीकारें,जैसे वे घटती हैं:- जो जीवन हम जी रहे हैं वो एक चमत्कार स्वरुप है और अनेकों आकाशगंगाओं से भरा ये ब्रह्मांड इसका सबूत है।हमारी सोच में वो शक्ति होती है जो कुछ भी संभव कर सकती है और जीवन को वो सब...
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