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Archives for March, 2018

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HOW TO LIVE LIFE: BE COMPASSIONATE:4

HOW TO LIVE LIFE: BE COMPASSIONATE:4

HOW TO LIVE LIFE: BE COMPASSIONATE:4 जीवन कैसे जीयें:दया और प्रेम:४ जब तक हम संवेदनशील नहीं होंगे तब तक न तो हम मनुष्य हैं और न ही दयालू क्योंकि सर्वप्रथम और सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जो मानव जाति के लिए आवश्यक है ,वो है संवेदनशील होना ,करुणामय होना. संवेदनशीलता एक...
COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES

COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES

COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES विचारणीय:62 – इच्छाएं/ इच्छाओं पर विजय सभी इच्छाएं मन में ही उत्पन्न होती हैं,इसलिए श्रेष्ठ पुरूष वे हैं जो मन पर काबू पा लेते हैं।-एतरेय आरण्यक अर्थात्  हमारा मन ही है जो नित्य चलायमान रहता है।तरह–तरह की इच्छाएं करता है और उन...
CONTEMPLATIVE: FRIENDS

CONTEMPLATIVE: FRIENDS

CONTEMPLATIVE: FRIENDS हमारा कोई सच्चा मित्र न हो तो जगत निर्जन वन के समान होगा।-बेकन अर्थात् जीवन में सच्चे मित्रों की परम आवश्यकता होती है।सच्चा मित्र हमारा साथ कभी नहीं छोड़ता।वह हमारी प्रत्येक कठिनाइयों में हमारे साथ खड़ा रहता है।यदि कोई सच्चा मित्र न हो तो हम संसार में...