How to live life: Live every moment:

Every item, thing or work, is worth the price at that particular moment. Sometimes we keep stopping ourselves because of busyness or other reason, that we will do that work or thing later. In this way, we defer things for the future.

However, in the future, will that work remain with any importance? That thing which we could say today,  will there be any value in the future or the person whom we are thinking of meeting today, who knows whether we will exist or not to meet him in the future.

The time passed may not be brought back. It should not happen that after the passing of time, we might feel sorry that the work we could have done before, when it was important, we are doing it now, when it has no value.

Therefore, whatever we are thinking of doing today, should be done in the same present moment, because we cannot predict the next moment but we can live in that present moment , because if we live in that present moment in which we are, then not only will we  be happy at that present moment but will always remain  happy.

God Buddha also says that what is important in the end is that how best you love, how deeply from your heart you let it go and how happily you lived.

Often we becomes unhappy with simple and small problems, even if it is a small loss, someone’s bad behavior etc., etc. We search for momentary happiness and spend millions for it. However, this happiness is within us. Because of our ignorance, we spend our whole life in negativity.

While we should spend every moment of our life with joy and without worrying about the past and future. The ultimate purpose of life is to be happy and to spread happiness. The happiness is not in doing that, what we should do. Rather it is in liking, which we should do.

We should smile at every moment, enjoy it and remove negativity from ourselves. If we spend every moment in such a way that neither others nor we will suffer any hardship and do such a thing, by which at the end of the day Let us and others be happy, that is the real life.

A small work full of compassion, to console a sad person, can make us realize the perfection. However, all of them should also be done only in that moment when it is appropriate. After the time has passed, we will do it at the time when others do not need it then at that time, it will be worthless.

Thus, by living each  moment, by not shifting each task for tomorrow but  doing instant work, we can make happiness as our companion, because happiness and contentment are not in earning  more money, but it is in doing small  little works of kindness and benevolence. When we will do our works in proper moment and wishes happiness for others at every moment, only then our every moment will be full of life.

जीवन कैसे जीयें:प्रत्येक क्षण को जीयो:

प्रत्येक वस्तु,बात अथवा कार्य की,उस विशेष क्षण में ही कीमत होती है।कभी-कभी हम,व्यस्तता अथवा अन्य कारण से,स्वयं को रोके रखते हैं कि उस कार्य अथवा बात को बाद में कर लेंगे।इस प्रकार,हम,भविष्य के लिए बातों को टाल देते हैं।

पर क्या भविष्य में,उस कार्य महत्व रह जाएगा?उस बात का,जो हम आज कह सकते थे,भविष्य में कोई मोल रह जाएगा अथवा जिस व्यक्ति से हम आज मिलने की सोच रहे हैं पर मिलते नहीं,क्या पता कल उससे मिलने के लिए हम ही न रहें।

गुजरे हुए वक्त को वापस नहीं लाया जा सकता।कहीं ऐसा न हो कि वक्त गुजर जाने के बाद हमें अफ़सोस हो कि जो काम हम पहले कर सकते थे,जब उसका महत्व था,अब कर रहे हैं,जब उसका कोई मोल नहीं रहा।

इसलिए,जो भी,आज करने की सोच मन में उठती है,उसी क्षण कर लेना चाहिए क्योंकि हम अपने अगले क्षण की भविष्यवाणी नहीं कर सकते पर हम उस क्षण को जी सकते हैं,जिसमें हैं।क्योंकि यदि हम उस क्षण को जियेंगे जिसमें हैं तो न केवल उस क्षण में खुश रहेंगे अपितु हमेशा खुश रहेंगे।

भगवान् बुद्ध भी कहते हैं कि अंत में जो महत्व रखता है वो है कि आपने कितना बेहतर प्यार किया,कितनी गहराई से आपने उसे जाने दिया और कितना खुश-खुश आप जिए?

अक्सर हम थोड़ी सी समस्याओं से ही नाखुश हो जाते हैं,चाहे वो छोटी सी हानि हो,किसी का खराब बर्ताव हो आदि-आदि।हम क्षणिक ख़ुशी खोजते हैं और उसके लिए करोड़ों खर्च करते हैं।पर यही ख़ुशी हमारे भीतर होती है। अपनी अज्ञानता के कारण हम सम्पूर्ण जीवन,नकारात्मकता में बिता देते हैं।

जबकि हमें अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को आनंद के साथ और भूत-भविष्य की चिंता किये बिना बिताना चाहिए।जीवन का अंतिम उद्देश्य खुश रहना और ख़ुशी फैलाना है।ख़ुशी वो करने में नहीं है,जो हमें करना चाहिए,बल्कि उसे पसंद करने में है जो हमें करना चाहिए।

हमें प्रत्येक क्षण मुस्कुराना चाहिए,उसका आनंद लेना चाहिए और नकारात्मकता को स्वयं से दूर कर देना चाहिए।यदि हम प्रत्येक क्षण को इस प्रकार बिताएंगे कि जिससे न हमें और न ही अन्यों को कोई कष्ट पहुंचे और ऐसे कार्य करेंगे,जिससे दिन के अंत में,हमें और अन्यों को खुशी मिले,वही असली जीवन है।

एक छोटा सा दयालुतापूर्ण कार्य,किसी दुखी को सांत्वना देना,हमें पूर्णता का एहसास करा सकता है।पर ये सब भी केवल उसी क्षण कर लेने चाहियें जब ये उचित हों।अगर समय बीतने के बाद,हम उस समय इन्हें करेंगे जब इनकी दूसरे को जरूरत नहीं रहेगी तो उस समय ऐसा करना व्यर्थ ही होगा।

इस प्रकार ,प्रत्येक क्षण को जी कर,प्रत्येक कार्य को कल पर न टाल कर तत्क्षण कर के,प्रतिक्षण उत्तम कार्य कर के,हम,ख़ुशी को अपना साथी बना सकते हैं क्योंकि ख़ुशी और संतुष्टि,ज्यादा धन प्राप्ति में नहीं है,बल्कि छोटे-छोटे दयालुतापूर्ण और परोपकार से भरे कार्यों में है।जब हम प्रत्येक काय उचित क्षण में ही कर लेंगे,दूसरों के लिए हर क्षण ख़ुशी चाहेंगे,तभी हमारा हर क्षण जीवन से भरपूर होगा।