HOW TO LIVE LIFE:10

To deal with the difficult challenges of life, help each other: –

A disabled person who could not be able to walk was very sad. He thought of committing suicide. After dragging himself, he somehow reached the bank of a river, where he saw a person walking with the aid of a stick.

Upon asking, he came to know that the second person who was blind, had come to commit suicide. Their disappointment became a meeting place for both.

They concluded that life is precious and there is no solution in commit suicide. The blind person was strong whereas the person who was unable to walk, was having sharp eyesight. They thought to be complementary to each other. The blind person, could lift the other person on his shoulders, who was unable to walk.

One day, both were passing through snowy mountains. One viewer said, “Look, how lame man is enjoying and this blind fool is raising him.” The blind person got upset about this. But his companion said, “Do not listen to his words.” You are also eating without any begging due to my money”. Feeling hurted by these conversation, both could not able to sleep that night.

The blind person thought that it is better to walk with the help of a stick instead of lifting his friend on his shoulder and walk. In the morning, the blind person caught something that looked like a stick, and proclaimed, “Bye! Now I will go on my own.

His friend shouted, “Leave him, it is a snake, which is frozen in the snow.” The blind person laughed, “Do not try to fool me, I will no more lift a jealous person on my shoulders.”

As soon as the sun rose, ice melted and that snake woke up from cold sleep and bite the blind person. He died.

This story teaches us that to improve our life, we should help each other and complement each other, so that everyone can be benefited.

HINDI TRANSLATION: हिंदी अनुवाद

जीवन कैसे जीयें:१०

जीवन की कठिन चुनौतियों से निबटने के लिए,एक दूसरे की मदद करें :-

एक विकलांग व्यक्ति जो चल नही सकता था,बड़ा उदास था।उसने डूब कर आत्महत्या करने की सोची।अपने आप को घसीटता हुआ वो किसी तरह एक नदी के किनारे पहुँचा,जहाँ उसे एक व्यक्ति छड़ी के सहारे चलता दिखाई दिया।

पूछने पर उसे ज्ञात हुआ कि वो दूसरा व्यक्ति जो अँधा था,वहाँ आत्महत्या करने आया हुआ था।उनकी निराशा दोनों के लिए मिलनस्थल बन गयी।

उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि जीवन अनमोल है और आत्महत्या करना कोई हल नहीं है।अँधा व्यक्ति बलिष्ठ था जबकि जो व्यक्ति चल नहीं सकता था उसकी आँखें बहुत तेज थीं।उन्होंने एक दूसरे का पूरक बनने की सोची।अँधा व्यक्ति,दूसरे व्यक्ति को,जो चल नहीं सकता था,अपने कन्धों पर उठा सकता था।

एक दिन दोनों बर्फ से भरे पहाड़ों से गुजर रहे थे।एक दर्शक ने कहा,”देखो,कैसे ये लंगड़ा आदमी मजे ले रहा है और ये अँधा मूर्ख,उसे उठाये हुए है।”अँधा व्यक्ति इस बात से परेशान हो गया।पर उसके सहचर ने कहा,”उसकी बातें मत सुनो।”तुम भी मेरे पैसों से,बिना भीख मांगे खाना खा रहे हो।”इन बातों से आहत हुए,दोनों उस रात सो नहीं पाए।

अंधे व्यक्ति ने सोचा कि अपने मित्र को उठा कर घूमने से बेहतर है,छड़ी के सहारे घूमना।सुबह को उस अंधे व्यक्ति ने किसी चीज को,जो छड़ी जैसी लग रही थी,पकड़ लिया और घोषणा की,”अलविदा! अब मैं अपने आप चलूँगा।”

उसका मित्र चिल्लाया,”उसे छोड दो,वह एक सांप है,जो बर्फ में जम गया है।”अँधा व्यक्ति हँसा,”मुझे बेवकूफ बनाने की कोशिश न करो,मैं एक जलन भरे व्यक्ति को अपने कन्धों पर और नहीं ढोऊंगा।”

जैसे ही सूरज उदय हुआ,वह सांप बर्फ पिघलने से,शीत निंद्रा से जाग गया और उस अंधे व्यक्ति को डंस लिया।वह मर गया।

ये कहानी हमें सीख देती है कि हमें जीवन को बेहतर बनाने के लिए,एक दूसरे की मदद करनी चाहिए और एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए,ताकि सभी का भला हो सके।