HOW TO LIVE LIFE:11

Be generous towards others and maintain harmony with different cultures: –

The kind of compassion that people perform time to time, touches our heart. But this work of generosity (except someone), is ignored and easily forgotten.

This is because we are so busy in our daily routine that we do not have the time to accept such works done by others. While we always hear many heart touching stories in everyday life, which tells us the tales of generosity and humanity and accept the rights of one on the other.

Unfortunately, each one of us are not able to do such beautiful works. Hence, we lose our opportunity to do a little bit better in our lives and to reduce the burden of people less fortunate than us.

The kindness and generous work done in life not only increases, the happiness of receiver but also the happiness of the doer. This kind of such small efforts also makes life worthwhile.

To work generous and compassionate, we also need to take all the cultures along with it. In this world full of different religions and factions, it is essential to walk together in a harmonious relationship in all cultures. If there will be no harmony between each other than the existence of a human race will be in danger.

Reconciliation in human relationships is possible only when the basic components of life, such as love, brotherhood, kindness, patience and sweetness are in our lives. When we celebrate all the festivals (of different religions) together and with the same enthusiasm and Interconnect different religions and cultures, in the same way, in the way an orchestra uses different types of musical instruments, produces a sweet melody and a rainbow of love, happiness, truth, faith, and respect is born in people’s hearts. Then the goodness comes in our lives in the form of a reward.

When we help the weak and neglected people, and work for the needs of every needy or maintain cordiality in every religion and culture of the society, then in return, what we get as a blessing, namely love, love, happiness, truth, Faith and respect, that is the reward or essence of our life.

There is no need to remember them by doing good deeds. But whatever good happens in our lives, it is the reward of good deeds done by our past. Therefore, while maintaining mutual respect, love for people, Kindness should be kept in mind, because we get the same as we give to others, there is no doubt in it.

HINDI TRANSLATION: हिंदी अनुवाद

जीवन कैसे जीयें:११

औरों के प्रति उदार रहें और विभिन्न संस्कृतियों के साथ सामंजस्य रखें:-

लोगों द्वारा यदा-कदा किये जाने वाले दयालुतापूर्ण कार्य,हमारे हृदय को छू लेते हैं।पर उदारता के ये कार्य(कुछ एक को छोड कर ),नजरअंदाज कर दिए जाते हैं और आसानी से भुला दिए जाते हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपनी दिनचर्या में इतने व्यस्त होते हैं कि हमारे पास दूसरों द्वारा किये,ऐसे कार्यों को स्वीकार करने का वक्त ही नहीं होता।जबकि हम हमेशा,प्रतिदिन के जीवन में,कई हृदय स्पर्शी कहानियाँ सुनते हैं,जो उदारता और मानवता की दास्ताँ बयाँ करती हैं और एक का,दूसरे पर अधिकार,स्वीकार करती हैं।

दुर्भाग्य से हममें से प्रत्येक,ऐसे सुन्दर कार्य करने में,सक्षम नहीं होते और अपने जीवन में आने वाले,थोडा सा भी अच्छा कर पाने के और हमसे कम भाग्यशाली व्यक्तियों के,बोझ को कम कर सकने के,कई अवसर,खो देते हैं।

जीवन में किये गए,दयालुतापूर्ण और उदारतापूर्ण कार्य,न केवल पाने वाले,अपितु करने वाले की ख़ुशी को भी बढ़ा देते हैं।इस तरह की छोटी चेष्ठा भी,जीवन को सार्थक करती है।

उदारतापूर्ण और दयालुतापूर्ण कार्य करने के लिए,हमें सभी संस्कृतियों को भी साथ ले कर चलने की जरूरत है।विभिन्न धर्मों,तहजीबों से भरे इस संसार में,सभी संस्कृतियों में,सामंजस्यपूर्ण रिश्ते बना कर चलना परम आवश्यक है।यदि आपस में सामंजस्य नहीं होगा तो मनुष्य जाति का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।

मानव रिश्तों में सामंजस्य तभी संभव है जब जीवन के मूलभूत अवयवों,जैसे कि प्यार,भाईचारा,दयाभाव,सहनशीलता और मिठास,हमारे जीवन में हो।जब हम सभी उत्सव(विभिन्न  धर्मों के)मिलजुल कर और एक समान उत्साह के साथ मनाते हैं और अलग-अलग धर्मों व संस्कृतियों को आपस में गूंथते हैं,ठीक उसी प्रकार,जिस प्रकार एक ऑर्केस्ट्रा में अलग-अलग प्रकार के संगीत वाद्ययंत्र इस्तेमाल हो कर,एक मधुर धुन पैदा करते हैं,तो लोगों के दिलों में प्यार,ख़ुशी,सच,विश्वास,और आदर का एक इन्द्रधनुष सा पैदा हो जाता है।तब हमारे जीवन में अच्छाइयों का आगमन होता है एक प्रतिफल के रूप में।

जब हम कमजोर और उपेक्षित लोगों की मदद करते हैं और हर जरूरतमंद के काम आते हैं अथवा समाज के प्रत्येक धर्म और संस्कृति में सौहार्द बनाए रखते हैं,तो बदले में हमें आशीर्वाद के रूप में जो मिलता है अर्थात् प्यार,प्रेम,ख़ुशी,सचाई,विश्वास और आदर,वही हमारे जीवन का प्रतिफल या सार है।

अच्छे काम कर के उन्हें याद रखने की जरूरत नहीं है।पर जो कुछ भी अच्छा हमारे जीवन में घटित होता है,वह हमारे पूर्व के किये हुए अच्छे कार्यों का ही प्रतिफल होता है।इसलिए आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए,लोगों के प्रति प्रेम,दया,विश्वास की भावना रखनी चाहिए क्योंकि जैसा हम अन्यों को देते हैं वैसा ही हमें भी प्राप्त होता है,इसमें कोई संशय नहीं है।