HOW TO LIVE LIFE:12

Take life as a journey: –

Life is like a journey. The way, while going from one state to another, we pass through a highway, in the same way, from childhood to death, we pass through a journey, called life journey. There are many similarities between journey on a highway and life journey. Where we get many surprises in both, there are many similarities in both.

Like traveling on the highway, life travel also takes many turns and we can move forward at a reasonable pace with some harmony in life. Failures are not speed-resistant nor success is a sign of speed increase. Sometimes, to enjoy a moment, it is necessary to slow down and sometimes need to move forward at a fast pace by ignoring that moment to get out of an unwanted and unpleasant situation.

In life journey, after a long interval, it is needed by us to pause ourselves and enjoy what we have achieved and be alive again. At the same time, we need to be free from this worry of what will happen in the future, because nobody can know what will happen in the future, so there is no need to worry about it.

When we achieve our goals in life, no matter how small they are, that moment is the moment of our success. These small successes increase our self-confidence, which helps us in the future to fight bigger challenges.

There is no shortcut in the way of life and no matter what we get, it is not for always. Success or failure is not important because it is not permanent. Today, if we are successful then tomorrow may be unsuccessful and today if we are unsuccessful, we can be successful tomorrow. Only those experiences we get from this life journey are very important, and are the only ones who help us in this life journey.

Walking wisely on the path of life, to achieve our ultimate goal (salvation), whatever work we do, ultimately awakens our soul. Thus, with the awakened soul, in doing good deeds for the entire human race, by making the society better, ultimately salvation is attained, which is the ultimate goal of man.

HINDI TRANSLATION: हिंदी अनुवाद

जीवन कैसे जीयें:१२

जीवन को यात्रा की तरह लें:-

जीवन एक यात्रा के समान है।जिस प्रकार एक राज्य से दूसरे राज्य जाते वक्त हम किसी राजमार्ग से गुजरते हैं उसी प्रकार बचपन से लेकर मृत्यु पर्यंत हम एक यात्रा से गुजरते हैं जिसे जीवन यात्रा कहते हैं।जीवन यात्रा और राजमार्ग पर यात्रा में बहुत सी समानताएं होती हैं।जहां दोनों में ही हमें कई अचरज मिलते हैं,वहीँ दोनों में बहुत कुछ समान भी है।

राज मार्ग की यात्रा की तरह,जीवन यात्रा भी अनेकों मोड़ लेती है और जीवन में थोड़े सामंजस्य से हम एक उचित गति से आगे बढ़ सकते हैं।असफलताएं गतिरोधक नहीं हैं और न ही सफलताएँ गति बढ़ाने का चिन्ह हैं।कभी-कभी हमें किसी क्षण का आनंद लेने के लिए धीमा होने की जरूरत होती है और कभी-कभी किसी अवांछित और अप्रिय स्थिति से निकलने के लिए उस क्षण को नजरअंदाज कर तीव्र गति से आगे बढ़ने की जरूरत होती है।

जीवन यात्रा में हमें,एक लम्बे अंतराल के बाद,ठहरने और जो कुछ भी हमने प्राप्त किया है,उसका आनंद लेने और फिर से सजीवित होने की जरूरत होती है।वहीं हमें भविष्य में क्या होगा इस चिंता से भी मुक्त होना होगा क्योंकि भविष्य में क्या होगा ये कोई नहीं जान सकता,इसलिए उसके बारे में चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

जब हम जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लेते हैं,चाहे वे कितने ही छोटे क्यों न हों,वही क्षण हमारी सफलता का होता है।यही छोटी-छोटी सफलताएँ,हमारे आत्मविश्वास को बढाती हैं,जो आगे चल कर बड़ी चुनौतियों से लड़ने में हमारी मदद करता है।

जीवन की राह में कोई शार्टकट नहीं होता और चाहे हम जो भी प्राप्त करें वो हमेशा के लिए नहीं है।सफलता या असफलता महत्वपूर्ण नहीं होती क्योंकि ये स्थाई नहीं है।आज हम सफल हैं तो कल असफल भी हो सकते हैं और वहीँ आज असफल हैं तो कल सफल भी हो सकते हैं।केवल वे अनुभव जो हम इस जीवन यात्रा से प्राप्त करते हैं,वे ही महत्वपूर्ण होते हैं और वे ही इस जीवन यात्रा में आगे चल कर हमारे काम आते हैं।

जीवन पथ पर अच्छाई से चलते हुए,अपने परम लक्ष्य मोक्ष को पाने के लिए,जो भी कार्य हम करते हैं,अंतत: हमारी आत्मा को ही जागृत करते हैं।इस प्रकार जागृत आत्मा के साथ सम्पूर्ण मानव जाति के लिए कल्याणपूर्ण कार्य करते हुए हम,समाज को बेहतर बनाते हुए अंतत: मोक्ष को प्राप्त होते हैं,जो मनुष्य का परम लक्ष्य है।