HOW TO LIVE LIFE: HOW TO HANDLE FEAR:

Instead of being afraid of your fear, we should compete against it. When we accept that fear will be here, then it will be easy for us to handle it.

We should always keep our fears in front of us. We can do such a thing by writing about it in a journal or writing it on a paper &by hanging it on the wall. Every day by reminding yourself of those fears and by taking them as challenges, from which we want to overcome ourselves, we can overcome fear.

By making a list of your fears and then by asking ourselves these questions that how we can overcome them, we can find a way to deal with every fear and problem because there is some way to deal with every fear and problem. If we feel confused, we can also take help of our elders and teachers.

While facing our fears, we might also get hurt or we may fail. However, we should not forget that our failures in our difficult journey to achieve success are like a milestone.

If we have to grow, then we have to learn to bend ourselves too. Enjoying life without getting discouraged and never letting fear to overpower us is the key to success.

Often fear is an element of our brain. It cannot be physically destroyed. If fear has not been broken, then negative and discouraged behavior can flourish within us.

Always keep our mind focused on positive things. Always, remember what we have achieved in life, and at the same time, keep reminding ourselves that we have all that within us, which is required for to be great and successful

Thus, when our brain becomes our friend, then it will protect us from all negative emotions. When we win any fear, we should keep remembering them. These triumphs encourage us to fight with other fears.

We have to say to ourselves that our fears are only an opportunity, which helps us to know the hidden potential within us and to refine our own personality.

Real fearlessness is not in destroying the fear in whole, but in learning the right way to deal with them. Therefore, we should be able to smile at our fears and then we will find that our life is getting better.

HINDI TRANSLATION:हिंदी अनुवाद

जीवन कैसे जीयें:डर से कैसे निबटें:

हमें अपने डर से संकोच करने की बजाय ,उसका सामने से मुकाबला करना चाहिए।जब हम इस बात को स्वीकार कर लेंगे कि डर तो यहाँ रहेगा ही,तो हमारे लिए उसको संभालना आसान हो जाएगा।

हमें,हमारे डर को,हमेशा अपने सामने रखना चाहिए।ऐसा हम,उसके बारे में किसी जर्नल में लिखकर अथवा उन्हें किसी कागज़ पर लिख कर,दीवार पर टांग कर कर सकते हैं।प्रतिदिन खुद को,उन डरों के बारे में याद दिला कर और उन को चुनौतियों के रूप में ले कर,जिन से हम पार पाना चाहते हैं,हम डर से निबट सकते हैं।

अपने डरों की सूची बना कर और खुद से ये प्रश्न पूछ कर कि हम कैसे इन से पार पा सकते हैं,हम हर डर और समस्या से निबटने का रास्ता खोज सकते हैं क्योंकि हर डर और समस्या से निबटने का कोई न कोई रास्ता अवश्य होता है।यदि हम स्वयं को विमूढ़ महसूस करें तो अपने बड़ों और अध्यापकों की भी मदद ले सकते हैं।

अपने डरों का सामना करते वक्त,हमको चोट भी पहुँच सकती है अथवा हम असफल भी हो सकते हैं।पर हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि सफलता को पाने की हमारी कठिन यात्रा में असफलताएं,केवल मील के पत्थर की भांति होती हैं।

यदि हमें विकसित होना है तो हमें झुकना भी सीखना होगा।जीवन यात्रा का बिना हतोत्साहित हुए आनंद लेना और डर को कभी अपने ऊपर हावी न होने देना ही सफलता की कुंजी है।

अक्सर डर,हमारे मस्तिष्क का एक तत्व ही है।इसे शारीरिक रूप से ख़त्म नहीं किया जा सकता।यदि डर को तोडा नहीं गया तो हमारे भीतर नकारात्मक और निरुत्साहित होने वाला व्यवहार पनप सकता है।

हमेशा अपने दिमाग को सकारात्मक बातों पर केन्द्रित रखने का अभ्यास करना चाहिए।हमेशा,जो हमने जीवन में प्राप्त किया है,उसे याद करते रहना चाहिए और साथ ही साथ खुद को ये भी एहसास दिलाते रहना चाहिए कि हममें वो सब है,जो महान और सफल बनने के लिए जरूरी है।

इस प्रकार,जब हमारा मस्तिष्क,हमारा मित्र बन जाएगा तो ये,सभी नकारात्मक भावनाओं से हमारी रक्षा करेगा।जब हम किसी डर पर विजय पाते हैं तो हमें उसे याद करते रहना चाहिए।ये विजय हमें,अन्य डरों से लड़ने का हौसला देती है।

हमें स्वयं को कहना होगा कि हमारे डर केवल एक अवसर हैं,जो हमें,हमारे भीतर छुपी क्षमता को जानने और खुद के व्यक्तित्व को निखारने में मदद करते हैं।

असली निर्भयता,डर को सम्पूर्ण नष्ट करने से नहीं अपितु सही ढंग से ये सीखने से कि उनसे कैसे निबटा जाए,से आती है।अत: अपने डरों को मुस्कुरा कर देखना चाहिए तब हम पायेंगे कि हमारे जीवन में बेहतरीन हो रहा है।