How to live life:Be simple hearted and honest:-

Nowadays, in this materialistic world, having   possessions and going to any extent for it, is becoming usual. However, we meet some such people, who, despite of having materialistic needs, are not giving up their honesty. We should take inspiration from them and should try to become honest and simple hearted.

Before being honest to others, we have to be honest to ourselves. Although, honesty is the best policy, but nowadays in the materialistic world, honesty is losing its importance. Every person wants to be rich by any means and uses all types of methods viz importance, price, punishment, and distinction for it. With all sorts of measures, he thinks that he is honest.

But is it like that? By thinking that way, whether he is honest with himself, while he knows that he has earned this money, dishonestly?

To be honest with yourself, you need very strongness and patience. For this, we have to be truthful. Moreover, to be truthful, does not only means do not tell a lie, but it means, speaking truth, living truth and love it.

When we are honest and simple hearted, other people, whether they agree with us or not, will consider us a good character, simple hearted and honest towards our work.

Honesty brings a positiveness in our own brain. This makes us feel better about ourselves.

When we, with ourselves, with nature, spend time and do not harm anyone, or deceive no one, rather, adopts a spiritual sincerity, then we experience within our self an infinite peace.

In fact, honesty, reward us with never ending gifts in this life journey. Therefore, in life, we should keep reminding our self of walking honestly from time to time.so that we can save ourselves through the skeptical filled paths of life.

By doing so, we will avoid doing anything wrong and will only do well. When a person is honest with himself, through his thoughts and actions, he can remain honest with others.

When a person follows his own soul, then he is able to withstand every challenge in life, and thus, by holding to sincerity, ultimately, leaves a deep impression on society and touches the heights of greatness.

The simplicity and ingenuity of Mahatma Gandhi was his most powerful weapon. Moreover, he had full faith in the matter that ultimately, honesty and truth will have won.

In life, the most important qualities, that human beings need, is honesty. When we are honest, then we will make all the other qualities, our own, within us.

HINDI TRANSLATION:

जीवन कैसे जीयें:निष्कपट और ईमानदार रहें:

आजकल के इस भौतिकवादी संसार में जहाँ,संपत्ति,धन आदि से युक्त होना और इसके लिए किसी भी हद तक जाना,सामान्य सा हो गया है।वहीँ हमें कुछ ऐसे लोग भी मिल जाते हैं,जो भौतिक आवश्यकताएं होते हुए भी,अपनी ईमानदारी और निष्कपटता नहीं छोड़ते।हमें भी ऐसे व्यक्तियों से प्रेरणा लेकर स्वयं को ईमानदार और निष्कपट बनाने के लिए,प्रयत्न करना चाहिए।

दूसरों के प्रति ईमानदार होने से पूर्व,हमें स्वयं के प्रति ईमानदार होना होगा।यद्यपि,ईमानदारी,सर्वोत्तम नीति है,पर आजकल के भौतिकवादी संसार में,ईमानदारी अपना महत्व खो रही है।प्रत्येक व्यक्ति साम,दाम,दंड,भेद, किसी भी प्रकार से,धन से युक्त होना चाहता है और सभी प्रकार के उपाय करके सोचता है कि वो ईमानदार है।

पर क्या ऐसा है?क्या ऐसा सोच कर,वो स्वयं से ईमानदारी करता है,जबकि वो जानता है कि उसने ये धन,बेईमानी से कमाया हुआ है?

खुद के प्रति ईमानदार होने के लिए,बहुत ही दृढ़ता और धैर्य की जरूरत है।इसके लिए हमें सच्चा बनना होगा।और सच्चा बनने का अर्थ,केवल झूठ न बोलना ही नहीं है,अपितु इसका अर्थ है,सच बोलना,सच को जीना और उससे प्यार करना।

जब हम ईमानदार और निष्कपट होंगे तो अन्य व्यक्ति,चाहे वो हम से सहमत हों या न हों,हमें एक अच्छा,चरित्रवान और अपने काम के प्रति ईमानदार व्यक्ति मानेंगे।

ईमानदारी हमारे स्वयं के मस्तिष्क में,एक सकारात्मकता लाती है।ये हमें स्वयं के बारे में अच्छा महसूस कराती है।

जब हम,स्वयं के साथ,प्रकृति के साथ,समय व्यतीत करते हैं और किसी को कष्ट नहीं पहुंचाते,या किसी को भी,धोखा नहीं देते,बल्कि,एक आध्यात्मिक ईमानदारी अपनाते हैं,तो हम स्वयं के भीतर,एक असीम शान्ति का अनुभव कर पाते हैं।

वास्तव में ईमानदारी,हमें,जीवनयात्रा में,कभी न ख़त्म होने वाले,पुरस्कार से नवाजती है।इसलिए जीवनयात्रा में,वक्त-वक्त पर खुद को,ईमानदारी से चलने की याद दिलाते रहना चाहिए।ताकि हम,जीवन के संदेहपूर्ण रास्तों से खुद को बचा सकें।

ऐसा करने से,हम कुछ भी गलत करने से बचेंगे और केवल अच्छा ही करेंगे।जब व्यक्ति,अपने विचारों और कृत्यों के द्वारा,स्वयं के प्रति ईमानदार होता है,तभी वो,अन्यों के साथ ईमानदार रह सकता है।

जब व्यक्ति अपनी आत्मा का अनुसरण करता है,तभी वो जीवन में आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना कर पाता है और इस प्रकार,ईमानदारी का दामन थामें,अंततः ,समाज पर एक गहरी छाप छोड़ ,महान ऊँचाइयों को छूता है।

महात्मा गांधी की सरलता और निष्कपटता,उनके सबसे ताकतवर हथियार थे।और उन्हें,इस बात में,पूरी आस्था थी कि अंततः ,ईमानदारी और सत्य की ही जीत होती है।

जीवन में,सबसे प्रमुख गुण,जिसकी मनुष्य को आवश्यकता है,वो है –ईमानदारी।जब हम,ईमानदार होंगे,तो अन्य सभी गुण ,अपने आप ही हमारे भीतर ,घर कर लेंगे।