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मन की सोच

मन की सोच

मन की सोच जीवन के सफ़र में अक्सर हम कई प्रकार के लोगों से मिलते हैं .प्रत्येक लोगों के बारे में हमारी अलग-अलग राय बन जाती है.कई लोग हमें अच्छे लगते हैं तो कई बुरे .अक्सर व्यक्ति जब किसी अन्य व्यक्ति से मिलता है तो किसी तीसरे शख्श की...
CONTEMPLATIVE: LORE:

CONTEMPLATIVE: LORE:

CONTEMPLATIVE: LORE: विचारणीय:विद्या: Lore gives humility, from humility comes aptitude, from aptitude comes money, from money comes dharma and from dharma we get peace and happiness-Hitopdesh VIZ When we are full of education, then we know about what is good and what is bad for us. We learn to...
CONTEMPLATIVE-HAPPINESS

CONTEMPLATIVE-HAPPINESS

CONTEMPLATIVE-HAPPINESS विचारणीय: ख़ुशी (प्रसन्नता): भार हल्का हो जाता है ,यदि प्रसन्नतापूर्वक उठाया जाए-ओविड अर्थात् यदि कोई भी काम प्रसन्नता पूर्वक किया जाए तो न केवल उस काम को करने में आनंद आएगा ,बल्कि शांत दिमाग से किये जाने के कारण ,वही कार्य हमें सुगम लगने लगेगा.भारी से भारी काम...
COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES

COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES

COTEMPLATIVE 62 – TO CONQUER OUR DESIRES विचारणीय:62 – इच्छाएं/ इच्छाओं पर विजय सभी इच्छाएं मन में ही उत्पन्न होती हैं,इसलिए श्रेष्ठ पुरूष वे हैं जो मन पर काबू पा लेते हैं।-एतरेय आरण्यक अर्थात्  हमारा मन ही है जो नित्य चलायमान रहता है।तरह–तरह की इच्छाएं करता है और उन...
CONTEMPLATIVE: FRIENDS

CONTEMPLATIVE: FRIENDS

CONTEMPLATIVE: FRIENDS हमारा कोई सच्चा मित्र न हो तो जगत निर्जन वन के समान होगा।-बेकन अर्थात् जीवन में सच्चे मित्रों की परम आवश्यकता होती है।सच्चा मित्र हमारा साथ कभी नहीं छोड़ता।वह हमारी प्रत्येक कठिनाइयों में हमारे साथ खड़ा रहता है।यदि कोई सच्चा मित्र न हो तो हम संसार में...
CONTEMPLATIVE-KNOWLEDGE

CONTEMPLATIVE-KNOWLEDGE

CONTEMPLATIVE-KNOWLEDGE Knowledge is like Kamdhenu cow–Chanakya VIZ  The way Kamadhenu cow fulfills all our wishes, in the same way, by means of knowledge one can attain whatever the person wants .A person, with the help of the strength of knowledge ,can easily face bigger problems and  can attain the...